अगस्त्यमुनि ब्लाक के बसुकेदार क्षेत्र की 50 से अधिक गांवों की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंक, बिजली, सड़क जैसी सुविधाएं भी लोगों को उपलब्ध नहीं है।
वर्ष 2015 में बसुकेदार को तहसील बनाने के बाद भी 25 हजार से अधिक आबादी को तहसील और विभागीय कार्यों के लिए जखोली और अगस्त्यमुनि जाना पड़ रहा है।
तहसील मातृ शिशु कल्याण केंद्र और आईटीआई के किराए के कमरे में चल रही है। क्यार्क-बरसूड़ी ग्राम पंचायत के जमेठी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए एक दशक से मांग हो रही है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं।
यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, संसाधन और डाक्टरों के अभाव में शोपीस बना है, लेकिन जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय वर्ष 2015 में शासन के निर्देश पर बसुकेदार में शराब की दुकान खोली गई।
अब इस दुकान को क्यार्क-बरसूड़ी गांव में स्थानातरित करने की तैयारी है, इससे क्षेत्रवासियों में रोष है। ग्राम प्रधान हर्षिला देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष सोबती देवी, राजेंद्र भंडारी, राय सिंह बिष्ट, बीएस भंडारी, बलवीर सिंह चौहान आदि का कहना है कि जनता जरूरी सुविधाएं मांग रही है, लेकिन शासन शराब की दुकान दे रहा है।
क्यार्क-बरसूड़ी में ठेका खोला गया तो जनांदोलन के साथ तहसील व कलेक्ट्रेट में आमरण अनशन किया जाएगा।