महोबा। 23 साल पुराने जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने तीन लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। अदालत ने अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल की।
29 मई 1995 छिकहरा निवासी छत्रपाल यादव व बजरिया निवासी परवेज पुत्र महबूब बेग दिन में करीब 12:30 सिंचाई विभाग कार्यालय चरखारी में टेंडर डालने गए थे। दूसरे पक्ष से अरविंद यादव पुत्र रामाधार यादव, राकेश यादव पुत्र रामसेवक निवासी खंदिया चरखारी व छत्रपाल यादव पुत्र पंचम यादव निवासी जतौरा का परवेज और छत्रपाल से विवाद हो गया। विवाद बढ़ जाने पर अरविंद यादव व उसके साथियों ने लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी। जिससे गोली छत्रपाल के कंधे में लगने से वह गिर गया। उसका साथी परवेज उसे बेहोशी हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले गया। जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद उसकी हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल छतरपुर में इलाज कराया गया। इसके बाद छत्रपाल यादव ठीक हो गया। घटना की रिपोर्ट परवेज ने अरविंद यादव, राकेश यादव, छत्रपाल यादव सहित पांच लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी।
अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) संतोष कुमार मौर्य ने गुरुवार को दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद अरविंद यादव, राकेश यादव, छत्रपाल यादव जतौरा को 10-10 साल की सजा सुनाई। साथ ही दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि सभी अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।