एचएएस अधिकारी बनने का जुनून ही सुनयना को प्रशासनिक सेवा की ओर खींच लाया। कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से सुनयना शर्मा ने अपना सपना पूरा किया है।
वर्तमान में वह विकास खंड फतेहपुर में बतौर सहायक आयुक्त (विकास) एवं खंड विकास अधिकारी सेवाएं दे रही हैं।
उन्हें यूनिवर्सिटी से टॉप करने के बाद जर्मनी से स्कॉलरशिप का प्रस्ताव आया था, लेकिन जनसेवा के जज्बे के चलते उन्होंने प्रशासनिक सेवा को तवज्जो दी। वह चंबा जिले के गांव देवी देहरा की रहने वाली हैं।
सुनयना ने एचएएस परीक्षा उत्तीर्ण कर दर्शा दिया कि दृढ़ निश्चय ही सफलता के मार्ग को प्रशस्त करता है। उन्होंने डीएवी रैहन से दसवीं तक शिक्षा ग्रहण की। वर्ष 2012 में तहसीलदार और स्टेट कोऑपरेटिव बैंक के सहायक प्रबंधक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की।
इसी दृढ़ निश्चय से एचएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद प्रशासनिक सेवा में आने का मौका मिला। उनके पिता मनोहर लाल शर्मा सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
माता अरुणा शर्मा शिक्षा विभाग में हिंदी प्रवक्ता हैं। छोटी बहन अपूर्वा शर्मा भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर चुनी गई हैं। सुनयना ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कड़ी मेहनत को दिया है।
सफलता का मंत्र
भविष्य में आईएएस की तैयारी कर रहीं सुनयना शर्मा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए इंटरनेट के माध्यम से अपडेट रहने के साथ-साथ टाइम मैनेजमेंट कर निरंतर पढ़ाई करने की सलाह देती हैं। उनका मंत्र है कि कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो सपने पूरे करना असंभव नहीं है।
सुनयना टेक्नोलॉजी पर जोर देकर पूरे तंत्र को तीव्र करने में विशेष ध्यान दे रही हैं, जिससे लोगों को अपनी समस्याओं के निदान में और विकास कार्यों की गति में तेजी लाई जा सके।