फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चालीस साल बाद भी नहीं हुई सड़क मरम्मत

विज्ञापन
प्रशासन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
ललितपुर। एक तरफ जहां विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तालबेहट क्षेत्र में तेरई फाटक से शहजाद बांध होते हुए बरौदाडांग की सड़क 40 साल का लंबा अरसा बीत जाने के बाद भी मरम्मत की बाट जौह रही है, पर किसी ने सुध नहीं ली है। यहां वाहन हिचकोले खाते हुए निकलते हैं।
विज्ञापन

तहसील तालबेहट क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेरई फाटक से शहजाद बांध होते हुए बरौदाडांग के लिए चार दशक पहले सड़क बनाई गई थी, जिसकी दूरी 16 किलोमीटर से अधिक है। इस मार्ग पर आसपास के बीस से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन होता है। यह मार्ग सीधा हंसार कलां से कैलगुवां को जोड़ता है। बरौदाडांग होते हुए विकासखंड बार का मार्ग भी इससे जुड़ता है। इस कारण मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है। लेकिन, सड़क की हालत खराब होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। हालत यह है कि सड़क मार्ग पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे चार पहिया वाहन निकालना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं दो पहिया वाहन भी सही तरीके से नहीं चल पा रहे है। ग्रामीण बीमारी की हालत में संपर्क मार्ग के समय पर नहीं पहुंच पा रहे है। हालत यह है कि लोग ट्रैक्टरों व दो पहिया वाहनों के सहारे अस्पताल में पहुंच रहे हैं। कई दो पहिया वाहन चालक प्रतिदिन वाहन फिसलने चुटहिल हो रहे हैं।
प्रसव कराने के लिए अस्पताल जाने वाली गर्भवती महिलाएं मुश्किल से अस्पताल तक पहुंच पा रहीं हैं तो कइयों की डिलीवरी रास्ते में ही हो जाती है। प्रसूताओं को समय पर उपचार की सुविधा नहीं मिल पाती है। 16 किलोमीटर की दूरी होने के बाद भी मार्ग पर सवारी टैक्सियां नहीं चल रही है, जिससे लोगों को यातायात की असुविधा हो रही है। सड़क में अधिक गड्ढे होने से गाड़ियों के निकलने में पलटने का भय बना रहता है तो कई दुर्घटनाएं हो चुकीं है। इन क्षेत्रों में शिक्षा की बेहतर सुविधाएं नहीं है। कक्षा आठ के बाद बच्चों को शिक्षा के लिए तालबेहट आना पड़ता है। छोटे बच्चों को सड़क खराब के चलते बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि 16 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग एक घंटा से अधिक समय लग रहा है।  
विज्ञापन


निर्माण की नहीं ले रहे विभाग जिम्मेदारी
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग का निर्माण शहजाद बांध के निर्माण के समय किया गया था, जिसका निर्माण कार्यदायी संस्था ने कराया था। बांध का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने किया था। तब से लेकर अब तक इस मार्ग की मरम्मत नहीं की गई। मरम्मत की शिकायत पर किसी विभाग ने निर्माण की जिम्मेदारी नहीं ली है। लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग इस मार्ग को लेकर अनभिज्ञ बने हुए हैं, जिसके चलते मार्ग की मरम्मत नहीं हो सकी।

तेरईफाटक- बरौदा डांग मार्ग जर्जर हालत में है। इससे निकलने में एक घंटे से अधिक समय लग जाता है। ऐसे में बच्चों को समय पर विद्यालय नहीं पहुंचा पा रहे हैं, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है।
- बबलू राजा

सड़क उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस कारण पूरे मार्ग पर धूल उड़ती रहती है। ऐसे में बीमार होनेे की संभावना बनी रहती है तो कई बार दो पहिया वाहन को खड़ा करना पड़ता है। कुछ देर वाद धूल रुकने पर चलना पड़ रहा है।
- हरिश्चंद्र जोशी
---------
गांव में दुकानदारी का कार्य करते हैं। बाजारों से समान लेकर तेरई फाटक से गांव तक लाने में परेशानी होती है। इस मार्ग पर टैक्सी नहीं चल पा रहीं है। मार्ग पर वाहनों से चलने पर दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है।
- दिनेश गुप्ता
-----------------
तेरई फाटक से बरौदाडांग तक सोलह किलोमीटर तक बनी सड़क बनी है। इसका निर्माण सिंचाई विभाग ने नहीं कराया है। वर्तमान में यह सड़क विभाग के पास नहीं है।
- नंदराम, सहायक अभियंता, राजघाट निर्माण खंड ललितपुर

तालबेहट क्षेत्र के तेरईफाटक से शहजाद बांध होकर बरौदाडांग तक जाने वाली सड़क निर्माण के लिए टेंडर डल गए हैं। आचार संहिता के चलते टेंडर नहीं खुल रहे हैं। आचार संहिता समाप्त होते ही टेंडर खोले जाएंगे और सड़क की मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन

- सुधीश त्यागी, अधिशाषी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें