गुड फ्राइडे पर इसाई समुदाय के लोगों ने प्रभु यीशु के बलिदान और त्याग को याद करते हुए उनका स्मरण किया। सिल्थाम स्थित सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।
दोपहर 12 से तीन बजे तक चली विशेष प्रार्थना सभा में पास्टर रेव अजय कुमार चरन ने बाइबिल का पाठ किया। गुड फ्राइडे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह दिवस प्रभु यीशु की मृत्यु की याद में मनाया जाता है। गुड फ्राइडे का मलबत उपवास, आत्म समर्पण और संयमित जीवन बिताना है और यीशु के दुखों को याद करना है। उन्होंने कहा कि यह दिन प्रेम, क्षमा, बलिदान, मेल-मिलाप, करुणा और शांति का संदेश देता है। सुभाष चंद्र सिंह, शैलेंद्र हीबर, अंजना दास, मनीष सिंह, करुणा, पी तिवारी ने क्रास के सात वचनों पर प्रकाश डाला। इस दौरान सलीब पर यीशु मुआ है समेत कई भजन गाए गए। आखिर में तेरी इच्छा पूरी हो जाए, हाथों में तेरे जीवन है ये सामूहिक गीत प्रस्तुत किया गया। रेव अजय चरन ने सभी को आशीष दिया। इससे पहले बृहस्पतिवार को आयोजित प्रभु भोज आयोजित किया गया।
टनकपुर में गुड फ्राइडे पर इसाई धर्म के अनुयायियों ने गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना कर सुख-समृद्धि और विश्व में शांति की कामना की। ज्ञानखेड़ा मेथोडिस्ट चर्च में आयोजित प्रार्थना सभा में पादरी जेके मैसी ने प्रभु यीशु के सात वचनों की जानकारी दी और बताया कि प्रभु यीशु ने पापाें को दूर करने को अपना बलिदान दिया था। ककरालीगेट स्थित कैथोलिक चर्च में विशेष प्रार्थन सभा का आयोजन किया गया। प्रार्थना में एबरन पास्कर एसके सनी, माईजी राबर्ट, विक्की, अनिल पैट्रिक, एके पाराशर, पास्टर डेनियल समेत काफी लोगों ने शिरकत की। उधर बनबसा के स्ट्रांग फार्म में स्थित चर्च में भी इसाईयों ने विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया।