नूरपुर विकास खंड की आघार ग्राम पंचायत में अल्पसंख्यक समुदाय की महिला प्रधान निर्वाचित होने को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से कथित उत्पात मचाने और धार्मिक स्थल (मस्जिद) को क्षति पहुंचा कर सांप्रदायिक एकता को भंग करने का प्रयास किया गया है।
यह बात पूर्व भाजपा विधायक राकेश पठानिया, नवनिर्वाचित महिला प्रधान गुलजारा बीबी और मौलवी शाहदीन ने वीरवार को नूरपुर प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सांप्रदायिक एकता और सद्भावना पर किसी तरह की चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बुधवार को इस वारदात की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने रात को घटनास्थल पर जाने की हिम्मत नहीं की। जिसके बाद उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक को सूचना दी, तब जाकर पुलिस की टीम वीरवार को मौके पर पहुंची। आघार पंचायत की नवनिर्वाचित प्रधान गुलजारा बीबी के पति एवं अल्पसंख्यक नेता याकूब खान ने कहा कि बुधवार रात को तेजधार हथियारों से लैस करीब दर्जन भर असामाजिक तत्वों से अपने परिजनों के घर में घुसकर जान बचाई।
आरोप लगाया कि इन गुंडातत्वों ने पहले धार्मिक स्थल में तोड़-फोड़ की, उसके बाद उसकी दुकान में भी तोड़-फोड़ करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, जब उन्होंने करीब साढ़े 9 बजे पुलिस थाने में फोन किया तो उन्हें उल्टा पुलिस थाने आकर लिखित शिकायत देने को कहा गया।
पत्रकार वार्ता के दौरान पंचायत के मौलवी एवं पूर्व प्रधान शाहदीन ने कहा कि आघार पंचायत में हिंदू-मस्लिम पिछले कई दशकों से आपसी भाईचारे के साथ रह रहे हैं, लेकिन बुधवार रात को जिस तरह कुछ मुठ्ठी भर लोगों ने सांप्रदायिक सद्भावना को बिगाड़ने का काम किया है, वह निदंनीय है। उन्होंने प्रदेश सरकार से ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगाम कसने की मांग की है।