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जीएसटी व नोटबंदी पर केंद्रित होंगे ये चुनाव, माथापच्ची के लिए जुटे मंत्री-नेता...

Mon, 09 Oct 2017 12:02 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
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जीएसटी और नोटबंदी के कारण चौतरफा हमले झेल रही केन्द्र सरकार अब जीएसटी में दी गई कुछ राहत को भुनाने का प्रयास कर रही है। केन्द्र की भाजपा सरकार को उम्मीद है आने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव व राजस्थान में होने वाले उपचुनाव में उसे इसका परिणाम भी देखने को मिलेगा।
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गौरतलब है कि आने वाले दिनों में राजस्थान की दो लोकसभा व एक विधानसभा सीट पर चुनाव होना है। इन चुनाव में पार्टी को जीत दिलाने व अन्य विषयों पर चर्चा के लिए आज राजस्थान भाजपा के कार्यसमिति की बैठक अलवर में हो रही है।

इसमें राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारी और कई केंद्रीय मंंत्री शिरकत कर रहे है। यहां आने वाले तमाम आला नेता दबी जुबांं में स्वीकार कर रहे है आने वाले चुनाव में उन्हें जीएसटी व नोटबंदी से जनता को हो रही परेशानी का जवाब देना है।
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इनको मिल सकती है टिकिट

फाइल फोटो।
साथ ही आज हो रही बैठक में उपचुनाव में टिकिट ​वितरण पर भी चर्चा हो सकती है। क्योंकि पार्टी इन चुनाव में टिकिट वितरण पर वंशवाद के ठप्पे से बचने का भी प्रयास कर रही है। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि अजमेर व अलवर दोनों लोकसभा क्षेत्र में पार्टी को अभी तक कोई चुनावी चेहरा मिला ही नहीं है।

भाजपा जातिगत समीकरण के लिहाज से अजमेर से पूर्व सांसद सांवरलाल जाट के बेटे और अलवर से वर्तमान राज्य सरकार में मंत्री डॉ जसंवत यादव के परिवार के किसी सदस्य को टिकिट दे सकती है। वहीं कांग्रेस अजमेर में पीसीसी अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री स​चिन पायलट, जबकि अलवर में पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को टिकिट देने पर विचार कर रही है। दोनों ही नेता कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं।
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