शहर के वीआईपी इलाकों की सभी सड़कों के ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों लगाए जाएंगे।
इसकी कवायद सबसे पहले विधानसभा मार्ग के अलावा इस मार्ग से जुड़ने वाले सभी चौराहे व तिराहों से की जाएगी। इसके अलावा शहर की सड़कों पर हादसे रोकने के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई।
अब मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चालकों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
खासकर स्कूली बच्चों पर विशेष निगाह रखी जाएगी। ऐसा कोई भी लापरवाही नहीं होने दी जाएगी जिससे लोगों के जीवन पर खतरा उत्पन्न हो।
पैदल सड़क पार करने वालों के लिए जेब्रा लाइनों को खाली रखे जाने की प्रैक्टिस अमल में लाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को निर्देशित किया जाएगा।
दो पहिया वाहनों पर तीन सवारी और बिना हेलमेट चलने वालों की गाड़ी, ड्राइविंग लाइसेंस, सीज किए जाएंगे। एक ही गलती पर तीन बार कार्रवाई होने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन व चालक का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।
आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
ट्रैफिक रूल्स पर निर्वाचन आयोग की सख्त नजर है। आदर्श आचार संहिता के दौरान हर वाहन के नंबर प्लेटों की जांच की जाएगी। जिससे आपराधिक तत्व फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कानून व्यवस्था न बिगाड़ सकें।
किसी के वाहन की नंबर प्लेट पर अगर कुछ भी लिखा पाया गया तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बिना अनुमति वाहनों पर किसी भी पार्टी का झंडा नहीं लगाया जा सकता।
जांच के दौरान जिस दल का झंडा लगा वाहन मिला उस वाहन को पार्टी व प्रत्याशी का प्रचार माना जाएगा। इस पर गाड़ी को सीज किए जाने के अलावा मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
शहर के भीतर नहीं चलेंगे खनन वाहन
शहर के भीतर दिन में फर्राटा भरने वाले खनन कार्य में लगे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शहर की मुख्य सड़कों पर दिन के समय जेसीबी मशीन, डंफर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रालियां नहीं चलने दी जाएंगी।
शहर की मुख्य सड़कों पर पकड़े जाने पर खनन वाहनों को सीज करने के साथ ही हिरासत में ले लिया जाएगा। इसके लिए वाहनों के ऊपर बिना अनुमति कैरियर लगाने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
चिन्हित किए जाएंगे साइलेंस जोन
ट्रैफिक के बढ़ते दबाव में शहर के साइलेंस जोन गुम हो गए हैं। वाहन चालक प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी हार्न बजाने से बाज नहीं आते हैं। अब तो लोगों को शहर के साइलेंस जोन वाले क्षेत्र याद भी नहीं हैं।
जबकि नियम यह है कि अस्पताल, हैरिटेज जोन, स्कूल, वृद्धा आश्रमों के सामने प्रेशर हार्न बजना प्रतिबंधित है। प्रेशर हार्न से अस्पतालों में जहां मरीजों को दिक्कतें होती हैं, वहीं स्कूली बच्चे भी तेज हार्न से सहम जाते हैं।
इस आदत को रोकने के लिए अब साइलेंस जोन में बड़े होर्डिंग व वार्निंग बोर्ड लगाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।