प्रदेश के युवा कवि, कहानीकार और व्यंग्यकार गुरमीत बेदी 26-27 जुलाई को मॉरीशस में होने वाली दो दिवसीय साहित्यिक संगोष्ठी में भाग लेंगे। मॉरीशस की एक साहित्यिक संस्था हिंदी संगोष्ठी करवा रही है। इसमें विभिन्न देशों में हिंदी भाषा एवं साहित्य को समृद्ध करने में योगदान देने वाले लेखक और साहित्यकार आमंत्रित किए गए हैं।
गुरमीत 24 जुलाई को रवाना होंगे। ऊना के जिला लोक संपर्क अधिकारी गुरमीत बेदी की कविता, कहानी, व्यंग्य एवं शोध को लेकर 7 पुस्तकें और 3 उपन्यास धारावाहिक के रूप में प्रकाशित हो चुके हैं। कई समाचार पत्रों, चर्चित पत्रिकाओं में उनके व्यंग्य के कॉलम पढ़े जाते रहे हैं।
कविताएं भी देश की नामी साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। उनके कविता संग्रह मौसम का तकाजा पर उन्हें 1994 में हिमाचल साहित्य अकादमी अवार्ड भी मिला है। कहानी संग्रह कुहासे में एक चेहरा पर उन्हें पंजाब कला साहित्य अकादमी ने पुरस्कृत किया था, जबकि हास्य व्यंग्य संग्रह नाक का सवाल पर उन्हें कनाडा का विरसा अवार्ड मिल चुका है।
मां शीर्षक से लिखी बेदी की कविता पर उन्हें वर्ष 2000 में राजस्थान पत्रिका ने उत्कृष्ट सृजनात्मक साहित्य पुरस्कार दिया था। गुरमीत बेदी को पिछले साल बर्लिन में वर्ल्ड पोईट्री फेस्टिवल में भी दि पोइट्स सोसाइटी ने आमंत्रित किया था। विभिन्न राज्यों के कई साहित्यिक पुरस्कार मिले हैं। उनके कविता, कहानी संग्रह पर दो विद्यार्थी प्रदेश विश्वविद्यालय से एमफिल कर चुके हैं।