संभाग में पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के अस्थायी कर्मचारी (डेलीवेजर) की काम छोड़ हड़ताल शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहने से कई जिलों में पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है।
कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जम्मू सहित आस-पास के जिलों में जलापूर्ति प्रभावित होने लगी है। हड़ताल समाप्त कराने के लिए शुक्रवार को पीएचई विभाग के चीफ इंजीनियर ने हड़ताली एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से वार्ता की। लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
चीफ इंजीनियर का कहना था कि वे हड़ताल समाप्त कर दें और शनिवार को उनकी मुलाकात पीएचई मंत्री से कराई जाएगी। लेकिन हड़ताली कर्मचारी ठोस आश्वासन मिलने तक टस से मस न होने की जिद पर अड़े थे।
उनका कहना था कि वे मंत्री से मिलने को तैयार हैं, लेकिन पहले ठोस आश्वासन मिलना चाहिए। आल जेएंडके पीएचई, आईटीआई, सीपी वर्कर्स एसोसिएशन के झंडे तले शुरू हुई काम छोड़ हड़ताल के तीसरे दिन भी जम्मू में बीसी रोड स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में डेलीवेजरों का धरना प्रदर्शन जारी रहा।
कई जिलों में पेयजल आपूर्ति गड़बड़ाने से उत्पन्न स्थिति के बाद चीफ इंजीनियर प्रेम नाथ ने हड़ताली कर्मियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार के समक्ष उनकी मांगों को रखा गया है। पीएचई मंत्री चौधरी सुखनंदन कुमार से शनिवार को मुलाकात भी करवाई जाएगी।
ऐसे में हड़ताल समाप्त कर दें। एसोसिएशन के प्रधान तनवीर हुसेन ने अमर उजाला को बताया कि चीफ इंजीनियर की हड़ताल समाप्त करने की अपील को ठुकरा दिया गया है। एसोसिएशन मंत्री के साथ मुलाकात करेगी लेकिन जब तक ठोस आश्वासन नहीं मिलता हडताल को जारी रखा जाएगा।