मरीजों के इलाज में दिन रात जुटे रहने वाले रिम्स
सैफई के डॉक्टर अब उनके तीमारदारों के ‘अन्नदाता’ भी बनेंगे। ‘धरती के
भगवान’ अब ‘अन्नदाता’ बन तीमारदारों को भरपेट भोजन करायेंगे। उप्र ग्रामीण
आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान सैफई के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अनूठी मिसाल
पेश करते हुए नित्य अन्नदान सेवा ट्रस्ट की शुरुआत की है।
ट्रस्ट
के माध्यम से तीमारदारों को सुबह और शाम भरपेट भोजन मिलेगा। यह पूरी तरह से
नि:शुल्क होगा। शुक्रवार से शुरू हुए ट्रस्ट ने पहले दिन 108 तीमारदारों
को भोजन कराया।
ट्रस्ट का शुभारंभ संस्थान निदेशक एवं ट्रस्ट के
अध्यक्ष डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर ने अपनी धर्मपत्नी गीता प्रभाकर के
साथ किया। पहली सहयोग राशि में गीता प्रभाकर ने एक लाख रुपये का चेक दिया।
पहले दिन 108 गरीबों को भोजन कराया गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष डा.
(ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर ने बताया कि ट्रस्ट प्रतिदिन लगभग 100 गरीब मरीजों
के परिजनों को सुबह-शाम भोजन कराने की व्यवस्था करेगा। उन्होंने बताया कि
रिम्स में हर दिन हजारों मरीज इलाज कराने आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या
में मरीज गरीब होते हैं।
पैसे न होने के कारण कई तीमारदार भूखे ही
सो जाते हैं। ऐसे लोगों का दर्द दूर करने के लिए नित्य अन्नदान सेवा ट्रस्ट
का गठन किया गया है। शुभारंभ अवसर पर पैरा मेडिकल विज्ञान महाविद्यालय के
फिजियोथेरेपी विभाग के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत
किया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि परमानंद महाराज, सांसद तेज प्रताप
की मां मृदुला यादव, चिकित्सा अधीक्षक एवं ट्रस्ट के उपाध्यक्ष डा.
(ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता, कोषाध्यक्ष डा. आईके शर्मा, संयोजक डा. आदेश
कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं जनरल सेक्रेटरी केबी अग्रवाल,
न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. रमाकांत यादव मौजूद रहे।
ट्रस्ट का
अध्यक्ष संस्थान के निदेशक डा. (ब्रिगेडियर) टी प्रभाकर को बनाया गया है।
उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता को सौंपी गई है।
कोषाध्यक्ष डा. आईके शर्मा, जनरल सेक्रेटरी केबी अग्रवाल हैं। ट्रस्ट के
संयोजक डा. आदेश कुमार हैं।
इसके अलावा ट्रस्ट चलाने के लिए कई
पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ट्रस्ट तथा इसके संचालन के संबंध में किसी
भी प्रकार की जानकारी के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारियों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक
अधिकारी एवं जनरल सेक्रेटरी केबी अग्रवाल से किसी भी समय मिलकर जानकारी
हासिल की जा सकती है।
उपाध्यक्ष डा. (ब्रिगेडियर) एसके गुप्ता ने
बताया कि ट्रस्ट लोगों के सहयोग से चलेगा। पहली सहयोग राशि के रूप में
ट्रस्ट अध्यक्ष की पत्नी गीता प्रभाकर ने एक लाख रुपये दिया है। इसके अलावा
कई अन्य लोगों ने भी सहयोग किया है। वित्त नियंत्रक डा. राजीव कुमार
दीक्षित ने दो दिन के भोजन की व्यवस्था की है।
साथ ही वादा किया कि
जब तक संस्थान में नौकरी करेंगे, हर महीने दो दिन के भोजन की व्यवस्था
करते रहेंगे। कई अन्य लोगों ने सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया
कि संस्थानकर्मियों के अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति ट्रस्ट का सहयोग कर सकता
है।
ट्रस्ट के बैंक ऑफ इंडिया, सैफई के खाता संख्या 128 में सहयोग
राशि जमा कराई जा सकती है। न्यूनतम धनराशि देने वाले तथा ट्रस्ट के माध्यम
से गरीब मरीजों के परिजनों को एक दिन का भोजन कराने की व्यवस्था करने वाले
सहयोगकर्ताओं को भी ट्रस्ट पूरा महत्व देगा।