एक नामांकन रदद होने के कारण अब प्रधान पद की दौड़ में दो ही उम्मीदवार बचे हैं। अब दोनों उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर होगी।नामांकन रद्द होने से जहां एक उम्मीदवार का सपना टूटा है, वहीं अन्य को इसका लाभ मिलेगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक महिला उम्मीदवार का नामांकन रद्द हुआ है।
अवैध कब्जा होने पर इसका नामांकन रद्द किया गया है। अब मात्र दो ही उम्मीदवार बराड़ा पंचायत से प्रधान पर के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 21 दिसंबर है। निर्धारित तिथि के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। विकास खंड अधिकारी टौणी देवी अरविंद कुमार ने बताया कि अवैध कब्जा के चलते एक प्रधान पद के उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया है।