फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Naxalite attack in Dantewada: जवानों की शहादत पर नक्सलियों का फरमान, गांव में नहीं करने देंगे अंतिम संस्कार

Thu, 27 Apr 2023 01:57 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/दंतेवाड़ा

सार

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के अरनपुर थाने क्षेत्र में बीते दिनो नक्सली हमले में 10 जवानों और एक ड्राइवर की शहादत पर नक्सलियों ने फिर अपने नापाक करतूतों को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने मामले में फरमान जारी किया है। फरमान में कहा है कि हमले में शहीद जवानों का अंतिम संस्कार गांव में नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के अरनपुर थाने क्षेत्र में बीते दिनो नक्सली हमले में 10 जवानों और एक ड्राइवर की शहादत पर नक्सलियों ने फिर अपने नापाक करतूतों को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने मामले में फरमान जारी किया है। फरमान में कहा है कि हमले में शहीद जवानों का अंतिम संस्कार गांव में नहीं होने देंगे। कटेकल्याण के गांव मारजुम और गादम में जवानों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। 

विज्ञापन




नक्सलियों के इस फरमान से भयभीत दो शहीद जवानों के परिजन पार्थिव शरीर लेने दंतेवाड़ा नहीं पहुंचे। इतना ही डर की वजह से श्रद्धांजलि सभा में भी परिजन नहीं पहुंचे। ऐसे में बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय में ही दोनों जवानों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन




दोनों जवान पहले नक्सली रह चुके थे। इसके बाद पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर कर डीआरजी में शामिल हो गए थे। इसमें से एक जवान के पिता को नक्सली पहले ही हत्या कर चुके हैं। वहीं दूसरा जवान नक्सली पीड़ित था।



इससे पहले नक्सली हमले में शहीद 10 जवानों और एक ड्राइवर को आज पुलिस मौदान में श्रद्धांजलि दी गई। सीएम भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, सांसद दीपक बैज और बीजेपी के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। शहीद जवानों को नमन करते हुए उनके पार्थिव देह पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।  



इस दौरान शहीदों के परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल रहा। उनके आंसू नहीं थम रहे हैं।  जवानों का पार्थिव शरीर उनके गृहग्राम भेज दिए गए हैं।  मुख्यमंत्री ने परिजनों से भेंटकर शोक संवेदना प्रकट की और उनका ढांढस बंधाया।उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार जवानों के परिवार के साथ है। नक्सल गतिविधियों का करारा जवाब दिया जाएगा।

विज्ञापन


इस अवसर  गृहमंत्री सांसद फूलोदेवी नेताम, बीजापुर विधायक विक्रम मडांवी, दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा, डीजीपी अशोक जुनेजा, एडीजी नक्सल विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी बस्तर सुंदरराज पी., कलेक्टर विनीत नन्दनवार, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।



ये जवान हुए थे शहीद
शहीद जवानों में  जोगा सोढ़ी  पोलमपल्ली सुकमा, मुन्ना कड़ती तुमनार दंतेवाड़ा, संतोष तामो भांसी दंतेवाड़ा, दुलगो मंडावी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, लखमूराम मड़कामी भैरमगढ़ बीजापुर, जोगा कवासी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, हरिराम कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जयराम पोडियाम कटेकल्याण दंतेवाड़ा, जगदीश कुमार कोवासी कटेकल्याण दंतेवाड़ा, राजू राम करटम  कटेकल्याण दंतेवाड़ा और वाहन चालक धनीराम यादव गीदम दंतेवाड़ा शामिल हैं।



छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 26 अप्रैल को दोपहर में नक्सली हमले में 10 जवान शहीद हो गए थे। वहीं ड्राइवर भी हमले में दिवंगत हो गया था। सभी जवान डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के हैं। नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। इसकी चपेट में जवानों का वाहन भी गया था। 

नक्सल ऑपरेशन के बाद लौट रहे थे जवान
जानकारी के मुताबिक, माओवादी कैडर की मौजूदगी की सूचना पर दंतेवाड़ा से डीआरजी जवानों को रवाना किया गया था। इसके बाद सभी जवान वहां से लौट रहे थे। इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने अरनपुर मार्ग पर पालनार में ब्लास्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि जवान एक प्राइवेट वाहन से निकले थे। हमले के बाद जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। इसमें कुछ नक्सली भी घायल हुए थे। 

दो साल पहले हमले में 22 जवान हुए थे शहीद
इससे पहले साल 2021 में अप्रैल माह में ही नक्सलियों ने सबसे बड़ हमला बीजापुर के तर्रेम क्षेत्र के टेकलगुड़ा में किया था। उस समय नक्सलियों ने BGL (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) से हमला किया था। इसमें 22 जवान शहीद हुए थे और 35 से ज्यादा घायल हुए थे। नक्सली हमले के साथ ही जवानों से हथियार भी लूटकर ले गए थे। इसी दौरान नक्सलियों ने सीआरपीएफ कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास का अपहरण किया था। हालांकि बाद में उसे रिहा कर दिया था। 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें