विकास कार्यों को लेकर अक्तूबर में अपने ही दल की सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाने वाले शहर विधायक मयूख महर ने बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। लोनिवि और एडीवी डिवीजन के जिम्मेदार अधिकारियों के बैठक में न आने पर डीएम से उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा तो विकास कार्यों में ढिलाई पर जिला प्रशासन के ही खिलाफ धरने पर बैठने का ऐलान कर डाला।
विधायक महर ने जिलाधिकारी सुशील कुमार की उपस्थिति में जिला कार्यालय सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा की। चंडाक-आंवलाघाट निर्माणाधीन सड़क की समीक्षा के दौरान बैठक में मौजूद लोनिवि के एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) डिवीजन के सहायक अभियंता सड़क के बारे में मांगी गई जानकारी नहीं दे पाए। लोनिवि के कार्यों पर चर्चा के दौरान भी ईई, एसई के बैठक में मौजूद न रहने पर विधायक के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती ने नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने लोनिवि के एसई जेसी आर्य को फोन मिलाया। एसई ने बीमार होने की बात बताई। इस पर विधायक ने डीएम से लोनिवि के पूरे स्टाफ को स्थानांतरित करने के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कह डाली।
विधायक ने कहा कि आंवलाघाट सड़क का काम लोनिवि को वर्ष 2010 में पूरा करना था लेकिन अब तक सड़क का काम अधूरा है। डीएम ने लोनिवि के एसई को फोन पर शुक्रवार को आंवला घाट सड़क पर स्थिति साफ करने के आदेश दिए। तय हुआ कि लोनिवि आंवलाघाट सड़क की प्रगति की जानकारी हर 15 दिन में जिला प्रशासन को देगा। बैठक में आंवलाघाट पेयजल योजना, हवाई पट्टी विस्तारीकरण, थरकोट और रई झील, मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स कॉलेज, बेस अस्पताल आदि पर चर्चा हुई
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आपदा मद में डेढ़ करोड़ की घपलेबाजी:मयूख
पिथौरागढ़। विधायक मयूख महर ने सातशिलिंग-थल मोटर मार्ग में दैवीय आपदा मद में घपलेबाजी का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि थल सड़क के विस्तारीकरण के लिए एडीबी डिवीजन को 38 करोड़ रुपए दिए गए हैं। विभाग ने गलत तरीके से प्रस्ताव बनाकर डेढ़ करोड़ की रकम दैवीय आपदा मद से ले ली। इस रकम से सड़क में पेंचवर्क किया जा रहा है। विधायक ने इसे सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग बताते हुए डीएम से मामले की जांच कराने को कहा। डीएम ने सीडीओ विनोद गिरी गोस्वामी को मामले की जांच करने के आदेश दिए।