बात 1996 की है। मुंबई में कल्पना लाजमी और भूपेन हजारिका अपनी फिल्म बना रहे थे। उस दौरान उन्होंने मुझे अपनी फिल्म में क्लैप ब्वॉय की जॉब दी। फिल्म के नायक थे शाहबाज खान। फिल्म के बीच में कल्पना को असिस्ट करने वाले डायरेक्टर भाग गए और मैं क्लैप ब्वॉय से असिस्टेंट डायरेक्टर बन गया।
उसके बाद भूपेन हजारिका और कल्पना के साथ दमन, क्यों जैसी फिल्में असिस्ट की। यह कहना है डायरेक्टर सुनंदा मित्रा का। उन्होंने हाल ही में अपनी फिल्म वुमन एक्सट्राऑर्डीनारी की शूटिंग चंडीगढ़ और मुंबई में पूरी की है। अमर उजाला से हुई खास बातचीत में सुनंदा ने अपनी फिल्म और उससे जुड़े अनुभव के बारे में बताया।
ट्रेन में आया आइडिया :
सुनंदा ने बताया कि दो साल पहले वे ट्रेन से मुंबई से कोलकाता जा रहे थे। उस दौरान उन्होंने एक गांव में कुछ युवतियां को अपने सिर पर घड़ों को ले जाते देखा। वे युवतियां जिस तरह बैलेंस बनाकर चल रही थी, उससे लगा कि यह अनजाने में ही क्या कमाल की कैटवॉक करती हैं। और इसी से आइडिया मिला फिल्म की स्टोरी का।
यह है फिल्म की कहानी :
उन्होंने बताया कि एक्सट्राऑर्डीनारी एक ऐसी औरत की कहानी है जो मॉडलिंग कंपनी चलाती है। कंपनी में घाटा होने के कारण वह कोई महंगी मॉडल कंपनी में नहीं रख पाती। इसी दौरान वह अपनी कंपनी के लिए समाज के आम तबके से जुड़ीं लड़कियों को चुनती हैं और उन्हें मॉडलिंग सिखाती हैं।
चक दे इंडिया का फीमेल वर्जन :
मित्रा ने कहा कि इस फिल्म की कहानी कुछ-कुछ चक दे इंडिया जैसी लगेगी। इसे चक दे इंडिया का फीमेल वर्जन भी कहा जा सकता है। इस फिल्म में नेशनल अवार्ड विनर एक्ट्रेस रितुपर्णा सेनगुप्ता मुख्य भूमिका में हैं। साथ ही शाहबाज खान एक राजनेता के रूप में नजर आएंगे।
फिल्म के लिए चुना होटल की वेटरेस को :
सुनंदा ने कहा कि फिल्म के लिए मुंबई से सिर्फ पांच लड़कियों को ही बुलाया गया था। दस लड़कियों की तलाश चंडीगढ़ आकर खत्म हुई। फिल्म में आम लड़कियां चाहिए थी इसलिए जिस होटल में फिल्म की शूटिंग हुई, वहीं की एक वेटरेस को रोल दिया।
रविंद्रनाथ टैगोर की जिंदगी पर बना रहे हैं फिल्म :
सुनंदा ने बताया कि वे अपनी नई फिल्म के लिए दो साल से रविंद्रनाथ टैगोर की जिंदगी के ऊपर रिसर्च कर रहे हैं। इस फिल्म के लिए वे नसीरुद्दीन शाह को लेना चाहते हैं।