क्या कोई एक मिनट में 112 बार गोल चक्कर लगाते हुए घूम सकता है। नहीं न, लेकिन बिलासपुर के मनन सांख्यान ने यह कर दिखाया है। कथक नृत्य में महज 15 वर्ष के इस छात्र ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करने की सीढ़ी पार कर ली है।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की साइट ने मनन की ओर से भेजे गए वीडियो फुटेज के आधार पर आवेदन को स्वीकृत किया है। मनन से पहले कोलकाता की जिरासी दास गुप्ता के नाम यह रिकॉर्ड था।
जिरासी ने एक मिनट में 107 चक्कर लगाकर यह रिकॉर्ड बनाया था। महिपाल सांख्यान के पुत्र मनन ने यह कारनामा कर दिखाया है। मनन और उनके पिता महिपाल सांख्यान ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की साइट से उन्हें आए मेल की प्रिंटिड प्रतियां भी मीडिया को दीं।
मनन कहते हैं कि वह कथक को प्रोफेशन नहीं बनाना चाहते। यह उनका शौक है। वह अपना कैरियर मेडिकल क्षेत्र में बनाना चाहते हैं। वह राष्ट्रीय विंटर कार्निवाल में भी प्रस्तुति दे चुके हैं।
‘अमर उजाला’ की ओर से पिछले वर्ष बिलासपुर में आयोजित श्रेया-2013 में भी मनन ने भी सराहनीय प्रस्तुति दी थी। उन्होंने कहा कि ई-मेल से उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में होने की स्वीकृति मिली है।
इसके बाद उन्हें मेडल मिलेगा। तमाम प्रक्रिया ऑनलाइन रहती है। उन्होंने कथक नृत्य करते हुए वीडियो फुटेज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की साइट पर डाला था।
मनन डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर में जमा एक में मेडिकल के छात्र हैं। स्कूल में कार्यरत शिक्षिका भारती टाडू से कथक की तालीम ली।