कल्पना गुरंग के पति नरेंद्र गुरंग की 2015 में लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वर्ष 2005 में नरेंद्र डीआरडीए कार्यालय से चालक के पद से सेवानिवृत्त होकर कैंटीन चला रहे थे। उनकी मृत्यु के बाद कल्पना ने कैंटीन चलाने का जिम्मा संभाला।
सातवीं कक्षा तक की है पढ़ाई
कल्पना गुरंग ने कहा कि उसने सातवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। वह खुद हिसाब-किताब कर लेती है। उसने कहा कि जब तक सेेहत ठीक रहेगी, वह काम करती रहेंगी।