सीएए एनआरसी एनपीआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए जामिया मिल्लिया इस्लामिया जेसीसी (जामिया कॉर्डिनेशन कमिटी) ने शनिवार को नागरिकता संशोधित कानून के खिलाफ अपने धरने को 24 घंटे के लिए स्थगित कर दिया। जामिया के मौजूदा छात्रों और पूर्व छात्रों ने जामिया समन्वय समिति की ओर से इसकी घोषणा की गई है।
जेसीसी ने इसके साथ ही एनपीआर को केंद्र सरकार से कोरोना के खतरे को देखते हुए वापस लेने की भी मांग की है। उनका कहना है कि कानून के तहत कई लोगों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जिससे भीड़ होने की वजह से कोरोना का खतरा बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि आगे की रणनीति वह बाद में तैयार करेंगे।
15 दिसंबर, 2019 को जामिया परिसर में पुलिस की लाठीचार्ज के बाद छात्रों ने धरने का ऐलान किया था। जामिया मिल्लिया इस्लामिया(जेएमआई) के प्रवेश द्वार संख्या सात पर 24 घंटे चल रहे अपने धरने को अस्थायी रूप से स्थगित करने का ऐलान किया है।
जेसीसी ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए से वे खुद को और दूसरों को इस संक्रमण से बचाने के लिए धरने को एक दिन के लिए टाल दें। पुलिस की ओर से भी छात्रों को जनता कर्फ्यू के बारे में जानकारी देकर कुछ समय के लिए धरना खत्म करने की अपील की गई।