रेप पीड़िता 14 वर्षीय नाबालिग के नाम का खुलासा करने के मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं को हटा लिया गया है लेकिन किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधान अभी भी है। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है।
न्यायमूर्ति एके पाठक के समक्ष दिल्ली पुलिस ने पेश रिपोर्ट में कहा कि स्वाति के खिलाफ दर्ज आईपीसी की सभी धाराओं को हटा लिया गया है। अब उनके खिलाफ नाबालिगा के नाम का खुलासा करने पर बाल न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने कहा रेप पीड़िता का नाम सार्वजनिक करना अपराध है।
अदालत स्वाति मालीवाल द्वारा दर्ज मुकदमे को रद करने की मांग संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही है। अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट पर स्वाति मालीवाल को अपना पक्ष रखने का निर्देश देते हुए सुनवाई एक अगस्त तय की है।