आज के युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है, बस उन्हें सही गाइडेंस और अपनी की क्षमताओं को पहचानने की जरूरत है। यह कहना है ‘चेंज एजेंट्स’ के सहलेखक कपिल साहनी का।
यूएस इंटरनेशनल क्वीली अवॉर्ड से नवाजा गया
19 सिंतबर को रिलीज हुई इस पुस्तक को 27 सितंबर को अमेरिका की नेशनल एकेडमी ऑफ बेस्ट सेलिंग ऑथर की ओर से ‘यूएस इंटरनेशनल क्वीली अवॉर्ड’ से नवाजा गया। अमेरिका से वसंत विहार स्थित अपने घर पहुंचे कपिल ने बुधवार को पत्रकारों से अपने अनुभव साझा किए।
कपिल ने बताया कि यूएस के नामी बिजनेसमैन ब्रायन ट्रेसी के साथ मिलकर उन्होंने यह पुस्तक लिखी है। पुस्तक में ऐसे उद्योगपतियों की कहानियां हैं, जिन्होंने सुविधाओं, संसाधनों और शिक्षा के अभाव में अपनी कंपनियों को बुलंदियों तक पहुंचाया। कपिल ने बताया कि यह उनकी पहली पुस्तक है।
भविष्य में वह लीडरशिप और नौजवानों व बच्चों के लिए पुस्तक लिखेंगे। उनके साथ पत्नी प्रीति साहनी ने पुस्तक का विमोचन किया। कपिल के परिजन वसंत विहार में रहते हैं, जबकि वे खुद पत्नी के साथ अमेरिका में रहते हैं। लेखन के साथ वे युवाओं को कोचिंग भी देते हैं।
कपिल के सक्सेस फॉर्मूले
बच्चे का सही मार्गदर्शन करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने की जरूरत है। जिस माहौल में बच्चे का पालन होता है, आठ वर्ष तक की उम्र में उसका अक्स उसमें निखरकर आता है। जरूरी है कि बच्चे को अच्छा माहौल दें। अगर बच्चा कहीं कमजोर है तो उसे सुधारने के बजाए उसके मजबूत पक्ष को और मजबूत करें।
बच्चे को इंटरेस्ट के मुताबिक आगे बढ़ाएं। जिंदगी और कॅरियर के साथ किए हुए समझौते कुछ समय तक ही चल सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि मंथन कर आगे बढ़ने का प्रयास करें।