बोल्ड और नई कहानी...यानी बीए पास....की हिरोइन शिल्पा का चंडीगढ़ से 9 वर्ष पुराना नाता है। वर्ष 2004 में वह चंडीगढ़ में प्ले करने आई थी।
चक दे इंडिया फेम शिल्पा ने बताया कि उनका बैकग्राउंड थिएटर का है। 2004 में जब वह यहां आई तो प्ले करने के दौरान वह यहां गिर गई थी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल वह एक स्कूल पर डाक्यूमेंट्री बना रही हैं। यह उनके पापा का सपना था जिसको वह पूरा करना चाहती हैं।
शिल्पा बीते तीन महीने से ट्रैवलिंग और फोटोग्राफी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चक दे इंडिया फिल्म जब वह कर रही थीं तो उनको लगा कि वह स्पोर्ट्स बैकग्राउंड की है।
चंडीगढ़ लिट्रेचर फेस्ट में पहुंची शिल्पा शुक्ला ने कहा कि बोल्ड सीन फिल्माना कोई बड़ी बात नहीं थी.....सबसे ज्यादा कठिन था डायलाग बोलना। एक अभिनेत्री होने के नाते किरदार में डूबना जरूरी होता है और यह सब उनको थिएटर ने सिखाया है।
बीए पास हो या कोई अन्य फिल्म...रोल बोल्ड हो या फिर कैसा भी....कहानी की डिमांड है तो कहानी अपीलिंग है तो उसको करने से कोई परहेज नहीं।
शिल्पा ने कहा कि फिल्म बीए पास के लिए हामी भरने से पहले वह उलझन में थीं। इस फिल्म के बारे में उनके एक दोस्त ने बताया। स्क्रिप्ट भेजी।
जब घर में पिता से बात की तो उन्होंने कहा कि यह एक भूमिका है और वह यह फिल्म कर सकती हैं। यह उनके पिता की आखिरी सलाह थी। उन्होंने कहा कि मां ने यह फिल्म देखी और उनको फिल्म की कहानी काफी पसंद आई।
शिल्पा ने कहा कि बोल्ड किरदार महत्वपूर्ण नहीं होता। वास्तव में बोल्ड या साफ्ट जैसी कोई बात नहीं होती...फिल्म की डिमांड क्या है वह महत्वपूर्ण है।
अगर मैं फिल्म में काम करने से मना भी करती तो भी कोई करता। शिल्पा ने कहा कि कॉलेज की स्टडी के दौरान स्टेज का शौक लगा। जब तारीफ हुई तो आगे बढ़ जाए।
दिल्ली से स्टेज के रास्ते सिल्वर स्क्रीन तक पहुंचने का सफर बेशक मुश्किलों भरा रहा, लेकिन अपने दम पर कामयाबी पाने का नशा कुछ और ही होता है।
फिर परिवार का भी पूरा सपोर्ट रहा। शिल्पा ने कहा कि उनके पास नई फिल्में हैं। वह कौफिन मेकर नामक फिल्म में काम कर रही हैं।