जिले के जंगलों को आग से बचाने के लिए जून तक चौकस रहने के वन विभाग को निर्देश दिए गए। डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई जिला वनाग्नि समिति की बैठक में फायर सीजन में आग से बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के साथ विभिन्न महकमों से तालमेल करने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर गश्त बढ़ाई जाएगी। जानबूझकर जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। ऐसे तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
डीएफओ एके गुप्ता ने बताया कि जिले में 1,19,291 हेक्टेयर वन भूमि में से 53.56 प्रतिशत आरक्षित वन हैं। सात वाच टावरों के अलावा 53 क्रू स्टेशन तैयार कर पांच-पांच कार्मिकों की तैनाती की गई। 562 किमी फायर लाइन की सफाई की जा रही है। वन पंचायतों और ग्राम पंचायत समितियों को सक्रिय करने, सड़क के किनारे पड़े पिरूल की हर सप्ताह वन विभाग सफाई कराएगा। क्रू स्टेशन प्रभारी, वाच टाव नियंत्रण कक्ष, कार्यालय आदि के संपर्क नंबर सभी तहसीलों, थानों, विकासखंडों के साथ मुख्य स्थानों पर उपलब्ध कराने को कहा गया है। आग बचाने के लिए तमाम उपायों के अलावा जन सहयोग लेने के लिए कदम उठाने की हिदायत भी दी गई। बैठक में रेंजर एमएम भट्ट, दावाग्नि समिति के सदस्य डीडी जोशी, शिव सिंह गुंसाई, लोनिवि के अधिकारी आदि मौजूद थे।