तीन दिन बाद शुक्रवार को शारदा नहर में जलपूर्ति सुचारु कर दी गई है। नहर की सफाई के लिए बुधवार की सायं से जलापूर्ति बंद की गई थी। शारदा नहर हेडवर्क्स से लोहियाहेड पावर हाउस तक पानी पहुंचने में करीब साढ़े पांच घंटे का समय लगता है। नहर में जलापूर्ति बंद रहने से यूपी में फसलों की सिंचाई भी तीन दिन तक ठप रही।
शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि नहर की सफाई होने के बाद शुक्रवार सुबह 10.30 बजे से पानी छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि बैराज स्थित शारदा हेडवर्क्स से लोहियाहेड विद्युतगृृह तक पानी पहुंचने में करीब 5.30 घंटे का समय लगता है। विद्युत उत्पादन से पूर्व पावर हाउस के पौंड को भरने में भी खासा समय लगता है। उन्होंने बताया कि 1928 में निर्मित बैराज और हेड रेग्युलेटर गेट मैनुअल हैं, जिनके खोलने और बंद करने की भी तकनीक है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर नहर की जलापूर्ति भी धीरे-धीरे की जाती है। बताते चलें कि लोहियाहेड पावर हाउस संचालन को शारदा की सफाई के लिए 25 मार्च की शाम पांच बजे से नहर में जलापूर्ति रोक दी गई थी।
लोहियाहेड पावर हाउस में पांच दिन बाद शुरू होगा उत्पादन
बनबसा। पिछले साल पहली सितंबर को लोहियाहेड पावर हाउस की सुरक्षा दीवार टूटने से मची तबाही के बाद से उत्पादन बंद है। लोहियाहेड पावर हाउस के डीजीएम एके सिंह ने बताया कि बनबसा बैराज से शारदा नहर में पानी छोड़े जाने के पांच दिन बाद उत्पादन शुरू हो सकेगा। नहर में डंप सिल्ट की सफाई के लिए चार दिन तक पानी टरबाइन में छोड़ बाईपास से सीधे आगे को छोड़ा जाएगा। पानी में सिल्ट की मात्रा कम होने के बाद ही टरबाइन में पानी छोड़ कर उत्पादन शुरू किया जाएगा।