घाटमपुर कसबे के मूसानगर रोड पर बिजली के तारों में हुई स्पार्किंग से निकली चिंगारी फुटपाथ पर बनी दुकानों के ऊपर गिर गई। इससे लगी आग में आठ दुकानें जलकर राख हो गईं। दमकल ने कई घंटे बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान दुकानों के भीतर रखा लाखों रुपये का सामान जल गया।
जूनियर हाईस्कूल के आगे फुटपाथ पर अवैध कब्जे करके लोगों ने दुकानें बना रखी हैं। बांस के टट्टरों और गुमटियों में रखी दुकानों के ऊपर से ही 11 हजार केवी की एचटी लाइन निकली हुई है। दुकानों के बीच में ही ट्रांसफार्मर भी रखा है।
बीते शुक्रवार की देर रात करीब 3 बजे के आसपास तेज हवा में एचटी लाइन के तार आपस में टकरा गए जिससे निकली चिंगारी दुकानों के ऊपर गिरी और उससे आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। वहीं सब्जी दुकानदार अजीत दुकान के पास लेटा था। आग जलती देख उसने शोर मचाया तो कुछ अन्य लोग भी जग गए। घटना की जानकारी पुलिस और फायर स्टेशन को दी गई।
थोड़ी ही देर में दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं।
दमकल प्रभारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान गुलफाम की फल, पप्पू मियां की बिसातखाना, अजीत की सब्जी, कयूम की मछली, पप्पू की टायर और सोनू की मुर्गा की दुकान सहित कुल आठ लोगों की दुकानें जल गईं। उनमें रखा सामान पूरी तरह जल गया।
राजस्व लेखपाल आरके दुबे ने बताया कि घटना की जांच करने के बाद तहसीलदार को रिपोर्ट दी है। बताया कि छह दुकानें पूरी तरह जबकि, दो आंशिक रूप से जली हैं। बताया कि करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग बिजली के तारों में स्पार्किंग होने से लगी है।
कसबे के चारों मुख्य मार्गों के किनारे फुटपाथी दुकानदारों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। इतना ही नहीं कब्जों की होड़ में उन्होंने बिजली की एचटी लाइनों के नीचे, ट्रांसफार्मरों के पास और पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ पर कब्जे जमा रखे हैं। सबसे खराब हालात जूनियर हाईस्कूल और सीएसची के बाहर के हैं। अवैध कब्जेदारों ने इन भवनों के गेटों के बाहर तक डेरा जमा रखा है। सीएचसी का हाल तो यह है कि एंबुलेंस और मरीजों के आने-जाने तक रास्ता अवरुद्ध रहता है।
संजय सचान (पालिकाध्यक्ष) बोले, नगर पालिका क्षेत्र में कसबे के भीतर बाजारों और मुख्य गलियों में अतिक्रमण हटवाने का काम नगर पालिका प्रशासन का है। जबकि, मुख्य मार्गों कानपुर-सागर राजमार्ग और मुगल रोड पर हो रहे अतिक्रमण को राजमार्ग प्राधिकरण को हटवाना चाहिए। फिर भी वह डीएम से बात करके इस समस्या को अवगत कराएंगे।