हसनपुर के एक मोहल्ले में बुखार का कहर टूट पड़ा। इससे डाक्टर समेत पांच
लोगों की जान चली गई, जबकि 24 लोग अभी बुखार से बेहाल हैं। सभी घरों में
कोहराम मचा है, मगर लोगों को बुखार से निजात दिलाने के लिए स्वास्थ्य महकमा
प्रयास नहीं कर रहा है। इससे खफा लोगों ने शनिवार को नारेबाजी कर प्रदर्शन
किया।
नगर के मोहल्ला खैवान की रहने वाली सावित्री (45) पत्नी गंगासरन
चार दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसका इलाज निजी चिकित्सक के यहां कराया जा
रहा था। सावित्री को शुक्रवार रात मेरठ ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने
रास्ते में ही दम तोड़ दिया। रघुवा (50) पुत्र सुमेरा को दो दिन से बुखार आ
रहा था। इसका भी प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था, लेकिन रघुवा ने
शनिवार सुबह दम तोड़ दिया।
ओमवती (60) पत्नी कलुवा तीन दिन से बुखार से
परेशान थी। पीड़िता ने उपचार के दौरान प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ दिया।
डाक्टर राजकुमार (30) पुत्र धर्मसिंह भी बुखार से पीड़ित चल रहा था। इसने
भी उपचार के लिए जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। शालिनी (06) पुत्री
सुभाष ने भी उपचार के दौरान मेरठ में दम तोड़ दिया। वहीं इसी मोहल्ले के
जगदीश और पूजा का गंभीर हालत में मेरठ में उपचार चल रहा है।
एकाएक पांच
लोगों की मौत से मोहल्ले के लोगों में दहशत है। इधर, बुखार से लोगों के
बेहाल होने के बाद भी स्वास्थ्य महकमे की टीम के उधर का रुख न करने से
नाराज लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने
वालों में दीपचंद, विनोद, मलुआ, प्रकाशो, पारो, विजय, शिवम, अमित, सोनल,
सोनू, लल्लू आदि मौजूद रहे।