पिछले 10 साल में लखनऊ स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या दो गुनी हो गई है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या प्लेटफार्म की है।
प्लेटफार्म की संख्या बढ़ाने का प्रयास हम कर रहे हैं। हमारी योजना नौ से बढ़ाकर 16 प्लेटफार्म करने की है। प्लेटफार्म पर साफ-सफाई खूबसूरती के लिए भी काम चल रहा है।
एक नंबर की मरम्मत और खूबसूरती का काम पहले ही शुरू हो चुका है। इसके अलावा दो नंबर से सात नंबर तक सभी प्लेटफार्म खूबसूरत बनाए जाएंगे। इसके लिए टेंडर हो चुके हैं।
चारबाग को विश्वस्तरीय स्टेशन बनाने की दिशा में हम प्रयासरत हैं। जल्द ही स्टेशन की सूरत बदली हुई दिखेगी। प्लेटफार्मों पर मरम्मत का काम हो जाने के बाद इसकी साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
लखनऊ के अलावा रायबरेली, सुल्तानपुर और बनारस स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। वहीं कई नई रेल लाइनों बिछाने का काम भी किया जा रहा है।
लखनऊ के आसपास की कई रेल लाइनों को डबल किया जा रहा है और कुछ को इलेक्ट्रिक लाइन में तब्दील किया जा रहा है। लखनऊ से उतरेटिया रायबरेली और लखनऊ सुल्तानपुर लाइन डबल की जाएगी।
इस तरह लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, ऊंचाहार, फैजाबाद, अम्बेडकर नगर सहित कई जगह रेल लाइनें और क्षेत्र के कई स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने के काम चल रहे हैं।
इस समय कुल 4800 करोड़ रुपये की लागत से यह काम किए जा रहे हैं। चारबाग स्टेशन पर लखनऊ मेल और शताब्दी जैसी गाड़ियां जब एक नंबर पर आती हैं तो भीड़ का दबाव प्लेटफार्म पर ज्यादा होता है।
इस भीड़ के दबाव को कम करने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए कुछ और रास्तों के विकल्प तैयार किए जा रहे हैं।
वहीं कोशिश यह होगी कि जिन्हें दो नंबर या आगे के प्लेटफार्म पर जाना है वे एक नंबर से गुजरे बिना ही सीधे वहां पहुंच जाएं।
नए टर्मिनल फिलहाल नहीं
गोमती नगर को नए टर्मिनल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके अलावा मानक नगर या किसी अन्य स्टेशन के लिए इस तरह की कोई योजना नहीं है जहां से गाड़ियां चलाई जाएं।
इसके लिए बहुत अधिक संसाधनों की जरूरत होगी और प्रक्रिया भी लंबी है। फिलहाल चारबाग पर दबाब कम करने के लिए वहीं नए प्लेटफार्म बनाए जाने की योजना है।
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