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बैंकों में कैशलेस लेन-देन बढ़ा

Fri, 09 Nov 2018 10:50 PM IST
hamirpur
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बैंकों में कैशलेस लेन-देन बढ़ा - फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर। नोटबंदी को दो साल पूरे हो गए। डिजिटल ट्रांजेक्शन के जो आंकड़े अब सामने आ रहे हैं, उससे एक बात तो साबित होती है कि केंद्र सरकार ने जिस मकसद को सामने रखकर यह कदम उठाया। नोटबंदी के बाद जिले में डिजिटल ट्रांजेक्शन करीब 20 गुना बढ़ा है। एनईएफडी और आरटीजीएस होने से बैंकों में नगदी की जमा और निकासी घटी है। जिले में 17 बैंकों की 110 शाखाएं हैं। इसमें करीब 10 लाख ग्राहक हैं। जिनमें करीब सात लाख लोगों के पास एटीएम कार्ड हैं। कृषि और बैंक ने संयुक्त अभियान चलाकर किसानों को रूपे कार्ड वितरित किए हैं। ऐसे में 98 हजार 765 किसान कैशलेस के जरिए खाद बीज की बिक्री कर सकता है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों मेेें डिजिटल लेन-देन इजाफा हुआ है।    ...........................
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एटीएम पर अभी भी लग रहीं कतारें  
नोटबंदी के दौर में एटीएम पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें थी। मगर आज भी स्थिति वैसी ही है। जिले के एटीएम नगदी के लिए आज भी लोगों को रुला रहे हैं। आए दिन एटीएम पर कतारें नजर आती हैं।  
बढ़े आयकर दाता  
जिले में नोटबंदी के बाद कई आयकर दाता सामने आए हैं। नोटबंदी से आयकर दाता की संख्या में 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही आयकर विभाग का राजस्व भी बढ़ा है।  
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बैंक मित्र बने सहायक  
अधिकांश बैंकों ने अपने ग्रामीण बैंक मित्र बना रखे हैं। जो छोटे लेन-देन की सुविधा ग्राहकों को दे रहे हैं। इलाहाबाद बैंक के बैंक मित्र संचालक दीपक कुमार ने कहा कि प्रतिदिन कैशलेस लेन-देन करते हैं।  
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कैशलेस लेन-देन में इजाफा  
नोटबंदी के  बाद सरकार के  कैशलेस लेन-देन पर जोर दिया। तबसे अब तक 50 फीसदी लोग कैशलेस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। बैंकों की मानें तो लोगों को कैशलेस सुविधा रास आई है।  
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शिविर लगाकर किसानों को बांटे रूपे कार्ड   
जिलें बैंकों ने कृषि विभाग से मिलकर गांवों में शिविर लगाए हैं। जिला कृषि अधिकारी डा.सरस कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में 98 हजार 765 किसानों को रूपे कार्ड जारी किए हैं। किसानों को डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए लेनदेन की जानकारी दी गई। किसान कृषि उपकरण, बीज, खाद, गैस जैसे सामान की खरीद रूपे कार्ड के जरिए करने लगे हैं।   
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राशन की दुकानों पर पॉश मशीनें
जिला पूर्ति विभाग की ओर से जिले में राशन की दुकानों पर पॉश मशीन लगा दी हैं। इन मशीनों के माध्यम से विभाग ने कार्ड धारकों को कैशलेस एवं नगद भुगतान की व्यवस्था की है।
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खाद-बीज की दुकानों पर लगीं पॉश मशीनें  
कृषि विभाग ने खाद बीज की बिक्री में कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई है। खाद की 68 दुकानों पर पॉश मशीन की व्यवस्था है। इन मशीनों में किसान के द्वारा खरीदे गए खाद बीज का ब्यौरा अंकित किया जाता है। किसान तो नगद भुगतान करता है, लेकिन कारोबारी को पूरा लेनदेन कैशलेस करना होता है।  
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