अब देशभर के केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा छह से बारहवीं के छात्रों को योग की शिक्षा दी जाएगी। केवी को क्षेत्र में नियमित योग शिक्षक नहीं होने पर टेंडर के आधार पर भर्ती करनी होगी।
केंद्रीय विद्यालय संगठन ने इस संबंध में थ्योरी और प्रैक्टिकल पाठ्यक्रम जारी कर दिया गया है। संगठन के अंतर्गत क्षेत्रीय कार्यालयों में आने वाले स्कूलों को इसी पाठ्यक्रम के आधार पर योग शिक्षा उपलब्ध करानी होगी।
संगठन का मानना है कि सभी केवी में योग शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए। संगठन में संयुक्त आयुक्त (प्रशिक्षण) डॉ. शचीकांत ने इस संबंध में सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
योग शिक्षा देने के पीछे संगठन की सोच है कि यह न केवल बच्चे के शारीरिक विकास में सहायक होती है, बल्कि उसके मनोवैज्ञानिक और सामाजिक विकास में भी सकारात्मक योगदान देती है।
टेंडर के आधार पर नियुक्त किए गए योग शिक्षकों का पारिश्रमिक टेंडर के आधार पर नियुक्त हुए स्पोर्ट्स शिक्षक के समान ही होगा।
क्या होगा प्रैक्टिकल व थ्योरी में
कक्षा छठी: कपाल भाती, सूक्ष्म व्यायाम, त्रिकोणासन, चक्रासन, प्राणायाम व थ्योरी में योग की परिभाषा, आहार विहार की जानकारी।
कक्षा सातवीं: गरुड़ासन, एक पद प्रणाम आसन, करी चक्रासन, नटराज आसन, भ्रामरी व थ्योरी के तहत कई योगों की जानकारी।
कक्षा आठवीं: उर्ध्व परनाम आसन, चक्रासन, अनुलोम-विलोम और हलासन। थ्योरी के तहत स्वच्छता व स्वास्थ्य के महत्व के बारे में पढ़ाया जाएगा।
कक्षा नौंवी: जलनेती, ताड़ासन, कटो चक्रासन और थ्योरी में योग व शिक्षा के संबंध के बारे में बताया जाएगा। जैसे-जैसे कक्षा बढ़ती जाएगी आसन कठिन होते जाएंगे।