स्कूलों की फीस संरचना में पारदर्शिता लाने के सीबीएसई की कोशिशें स्कूल प्रबंधनों के आगे नाकाफी साबित हो रही हैं।
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को 17 जुलाई तक अपनी वेबसाइट विकसित कर सूचनाएं सार्वजनिक करने के आदेश जारी किए थे।
इस समय सीमा के गुजर जाने के करीब 12 दिन बाद भी 40 प्रतिशत से ज्यादा स्कूल आज भी ऑफ लाइन है। वहीं, जिनके पास वेबसाइट वह सूचनाएं सावर्जनिक करने से कतरा रहे हैं।
संबद्ध विद्यालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सीबीएसई ने स्कूलों को ऑनलाइन करने के निर्देश जारी किए थे।
दो साल पहले शुरू की गई इस प्रक्रिया को पूरा करने 17 जुलाई 2013 को अंतिम तिथि निर्धारित की गई। इस तिथि तक सीबीएसई के सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट बनाना जरूरी था।
यहीं नहीं, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की नियत से बोर्ड ने स्कूलों के संबंध में कई जानकारियों को उपलब्ध कराने की अनिवार्यता निर्धारित की थी।
इसमें स्कूल की सभी कक्षाओं की फीस संरचना से लेकर स्कूल में कार्यरत शिक्षकों की योग्यता तक को सार्वजनिक किया जाना था।
इस संबंध में दी गई समय सीमा समाप्त होने के बाद भी करीब तीन दर्जन स्कूलों ने अपनी वेबसाइड तक विकसित नहीं की है।