प्रबंधन की सबसे मुश्किल कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) परीक्षा पास करने के बाद युवाओं के साथ अगली चुनौती रिटन एबिलिटी टेस्ट (WAT) होगा। सभी आईआईएम ने ग्रुप डिस्कशन खत्म करके वैट लागू कर दिया है।
पहले छात्र को वैट पास करना होता है, इसके बाद इंटरव्यू होगा। यह पड़ाव पार करने के बाद ही दाखिला मिलेगा। इस साल वैट का समय 20 मिनट से घटाकर 10 मिनट कर दिया गया है।
दो साल पहले कुछ आईआईएम ने वैट लागू किया था। इस साल सभी आईआईएम में वैट लागू हो चुका है। आईआईएम लखनऊ और आईआईएम शिलांग ने भी ग्रुप डिस्कशन खत्म कर दिया है। एसओपी (स्टेटमेंट आफ परपज) के बाद वैट को जीडी के विकल्प के तौर पर माना जा रहा है। इसके तहत छात्र को इंटरव्यू से पहले 10 मिनट की लिखित परीक्षा देनी होगी।
ऐसे होता है वैट
विशेषज्ञ अमित मित्तल ने बताया कि गत वर्ष का रिकॉर्ड देखें तो बिहार का विधानसभा चुनाव, जीएसटी, मैगी विवाद जैसे सामयिक विषयों पर वैट परीक्षा हुई थी। इस साल भी वैट में सामयिक विषयों पर आधारित सवाल आ सकते हैं। वैट में अभ्यर्थी को कुछ सवाल दिए जाएंगे।
सवाल का जवाब 10 से 20 प्रतिशत तक स्कोर देगा। इससे छात्र की दाखिले की दावेदारी तय होगी। अभ्यर्थी को 10 मिनट में 200 शब्दों या 30 मिनट में 400 शब्दों में जवाब लिखना होगा।
खास बात यह है कि अभ्यर्थी जो विचार जवाब में शामिल करेगा, इंटरव्यू देते वक्त उस जवाब से जजों को संतुष्ट करना होगा। इससे पहले आईआईएम ने प्रवेश प्रक्रिया में एसओपी फार्म को तरजीह दी थी, जिसमें छात्र को पूरी जानकारी पहले ही इंटरव्यू के लिहाज से भेजनी होती है।