राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत शुरू हुई वोकेशनल एजूकेशन अब
नौवीं से ही शुरू हो जाएगी।
अभी तक यह पढ़ाई कक्षा 11 में शुरू करने की
योजना थी। स्टूडेंट्स में वोकेशनल एजूकेशन के प्रति क्रेज बढ़ाने के लिए
इसमें बदलाव किया गया है।
सेंट्रली फंडेड इस स्कीम के तहत 12वीं पंचवर्षीय
योजना में पूरे देश भर में सालाना दो लाख स्टूडेंट्स को वोकेशनल एजूकेशन की
शिक्षा दी जानी है।
बच्चों को किताबी ज्ञान
के साथ ही रोजगार भी मिल सके इसलिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के
तहत लोगों को व्यावसायिक शिक्षा देने की योजना पिछले साल से शुरू की गई थी।
पिछले साल यह योजना व्यवहार में नहीं आ सकी थी। नए सत्र से ठीक तरह से
शुरू करने की कोशिश की जा रही है।
योजना के तहत अब तक 11वीं कक्षा से
बच्चों को वोकेशनल एजूकेशन की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध करानी थी लेकिन अब
कक्षा नौ से शुरू की जाएगी। रोजगारपरक कोर्सेज के लिए पाठ्यक्रम तैयारी
किया जा रहा है।
वोकेशनल एजूकेशन के लिए कॅरिकुलम डवलप करने के लिए दो लाख
रुपये का बजट तैयार किया गया है।
चुने गए स्कूल बच्चों को पढ़ाने के लिए
वोकेशनल एजूकेशन एक्सपर्ट, ट्रेनर और शिक्षकों के लिए 14.50 लाख रुपये
सालाना खर्चा कर सकेंगे।
योजना पर आने खर्च होने वाली 75 प्रतिशत राशि
केंद्र और 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देगी। वोकेशनल एजूकेशन के लिए
किताबों और बाकी खर्च की सीमा में भी बढ़ोतरी कर दी गई है।
मानव विकास
संसाधन मंत्रालय, स्कूल एजूकेशन एंड लिट्रेसी के जॉइंट सेकेटरी, एस राधा
चौहान ने इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया है।