प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना पर विवि कुलसचिव पर गिरी निलंबन की गाज के बाद एचपीयू प्रशासन मुस्तैद हो गया।
कोर्ट के आदेश न मानने के इस मामले पर कोर्ट का फैसला आने के बाद कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने स्वयं मंगलवार को कुलसचिव के कार्यालय में जाकर कुर्सी संभाली और लंबित पड़े कोर्ट के आदेशों के मामले निपटाए।
उन्होंने करीब तीन घंटे तक कुलसचिव कार्यालय में बैठकर एक-एक मामले पर स्थापना शाखा, ऑडिट, अकाउंट्स सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ माथापच्ची कर मामले पर चरचा कर आवश्यक आदेश जारी करवाए।
मंगलवार को सुबह बारह बजे से लेकर करीब दो बजे तक कुलसचिव के निलंबन के बाद पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे परीक्षा नियंत्रक प्रो. सीएल कौशल के साथ बैठ कर कुलपति ने तमाम लंबित मामलों को निपटाने का प्रयास किया।
हालांकि शनिवार को एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी बरड़ू राम के कोर्ट के फैसले और आदेशों के मुताबिक 1999 से नियमितिकरण के आर्डर सोमवार को ही कर दिए थे। कुलपति के आदेशों पर रविवार को भी विवि के प्रशासनिक भवन की हर शाखा में कार्य चलता रहा।
न्यायालय की सख्ती के बाद विवि में जिस तरह से पिछले लंबित मामलों को निपटाने का क्रम शुरू हुआ है, इससे न्याय के लिए न्यायालय की शरण में गए कर्मचारियों और शिक्षकों तथा छात्रों में खुशी का माहौल है।
तीन घंटे बैठकर किया काम: विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने माना कि कुलसचिव और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर कोर्ट के आदेशों तथा इससे संबंधित मामलों पर चरचा कर निपटाने का प्रयास किया है।
उनका हर संभव प्रयास है कि वे जल्द से जल्द इन मामलों को निपटाएं। इन मामलों के आर्डर भी साथ के साथ कर दिए हैं। करीब तीन घंटे तक यह काम चला।