राजधानी में एक ओर युवा वेलेंटाइन डे की मस्ती में सराबोर थे तो दूसरी बेहतर भविष्य की आस में हजारों युवा एग्जाम देने पहुंचे। एक ओर संघ लोक सेवा आयोग ने सीडीएस की परीक्षा कराई तो दूसरी ओर अधनीस्थ सेवा चयन आयोग ने कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती का एग्जाम कराया।
सीडीएस परीक्षा में पहली पाली में कुल 11,555 में से 6690 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में 6640 बच्चों ने परीक्षा थी, जबकि 4915 अभ्यर्थी एग्जाम हॉल परीक्षा देने नहीं पहुंचे, तीसरी पाली में 6348 अभ्यर्थियों में से 3755 ने एग्जाम दिया। दूसरी ओर, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कंप्यूटर ऑपरेस्टर/कनिष्ठ सहायक परीक्षा प्रदेश में 59 केंद्रों पर हुई। परीक्षा के लिए दून में 17, हरिद्वार में 11, हल्द्वानी में 24, अल्मोड़ा में तीन और श्रीनगर में चार केंद्र बनाए गए थे। आयोग के सचिव डा. एमएस कन्याल ने बताया कि कुल 31,126 अभ्यर्थियों में से 24,900 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। सभी जगहों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही।
कम मेहनताना देने पर शिक्षक नाराज
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा के लिए जीआईसी सेलाकुई को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां जिन शिक्षकों की ड्यूटी थी, इन लोगों ने प्रिंसिपल पर आरोप लगाया कि उन्हें 300 रुपये एग्जाम ड्यूटी के दिए गए, जबकि अन्य परीक्षा केंद्रों पर प्रति शिक्षक ड्यूटी चार्ज 500 रुपये दिया गया। एसजीआरआर सहसपुर में परीक्षा समन्वयक नरेश कोटनाला ने भी बताया कि उन्होंने प्रति शिक्षक 500 रुपये चार्ज दिया है।
दरअसल, आयोग ने प्रति छात्र 60 रुपये के हिसाब से सभी परीक्षा केंद्रों को पैसा भेजा था। जीआईसी सेलाकुई में कम मेहनताना देने पर सभी शिक्षकों ने पैसा लेने से इंकार कर दिया। मामले में प्राचार्य आरसी चौधरी ने बताया कि परीक्षा में अन्य खर्चे भी आए हैं। उनकी भरपाई के बाद जो पैसा बचेगा, वह भी शिक्षकों में बांटा जाएगा।