उत्तराखंड मुक्त विवि से छात्र अब चीनी और जापानी भाषा भी पढ़ सकेंगे। विवि ने नए शैक्षिक सत्र से कई नए कोर्स शुरू करने की तैयारी कर ली है।
छात्रों के लिए इस बार नए कोर्स उपलब्ध
इनकी पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है। सामग्री तैयार होने की सूरत में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों के लिए इस बार नए कोर्स उपलब्ध होंगे।
मुक्त विवि की नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया अगस्त के द्वितीय सप्ताह से शुरू होने जा रही है। विवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राकेश रयाल ने बताया कि छात्र अब चीनी, जापानी, स्पेनिश भाषा में डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा कर सकते हैं।
इसके अलावा विवि ने ई-गवर्नेंस एंड साइबर सिक्योरिटी में प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम, साइंस कम्यूनिकेशन स्किल में प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम, विशिष्ठ शिक्षा में दो वर्षीय डीएड और विशिष्ठ शिक्षा में दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम भी इसी सत्र से शुरू करने की तैयारी में है।
डॉ. रयाल ने बताया कि किताबों की किल्लत दूर करने को अब विवि ने अपने स्तर पर ही पाठ्यसामग्री तैयार कर ली है। इसके अलावा नए कोर्स की सामग्री भी तैयार की जा रही है। विवि विभिन्न पाठ्यक्रम ऑनलाइन भी उपलब्ध करा रहा है।
इन कोर्स में भी ले सकते हैं दाखिला
पीजी डिप्लोमा : कंप्यूटर एप्लीकेशन, आपदा प्रबंधन, जियो इंफोर्मेटिक्स, पत्रकारिता एवं जनसंचार, विज्ञापन एवं जनसंपर्क, ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म एंड न्यू मीडिया, साइबर लॉ, मानव संसाधन प्रबंध, मार्केटिंग मैनेजमेंट।
डिप्लोमा पाठ्यक्रम : कंप्यूटर एप्लीकेशन, सब्जी एवं फ ल संवर्धन, फ लित ज्योतिष, टूरिज्म स्टडी, होटल प्रबंध, आवास प्रबंध, रेस्तरां सर्विस प्रबंध, फूड प्रोडक्शन प्रबंध, फ्रंट ऑफिस प्रबंध, कॉमर्शियल हॉर्टीकल्चर, जन स्वास्थ्य एवं समुदाय पोषण, पंचकर्म सहायक, योग व प्राकृतिक चिकित्सा।
छह माह प्रमाण पत्र कोर्स : मास मीडिया, उर्दू कोर्स, जियो इंफोर्मेटिक्स, कंप्यूटर, एप्लीकेशन, कार्यालय प्रबंध, सब्जी उत्पादन, गृह वाटिका, औषधीय एवं सुगन्धित पौध, जैविक कृषि, सब्जी एवं फलों का घरेलू स्तर पर परीक्षण, कार्यालय प्रबंध, आयुर्वेदिक आहार एवं पोषण, आयुर्वेदिक ब्यूटी केयर, हर्बल मसाज, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी उत्पादन, योग विज्ञान, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचायती राज, फलित ज्योतिष, वैदिक कर्मकांड, टेक्नीकल एक्सीलेंस, औद्योगिक प्रशिक्षण, बेसिक वर्कशॉप टेक्नीक।