स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) की काउंसलिंग के बाद खाली सीटों पर कॉलेज अपने स्तर पर मेरिट के आधार पर दाखिला देंगे। इसमें कैपिटेशन फीस नहीं ली जाएगी।
यूपीटीयू की समितियां इन सीटों पर दाखिलों का ऑडिट करेंगी। कैपिटेशन फीस या किसी भी तरह की अनियमितता के सबूत मिलने पर विवि ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके तहत कॉलेजों की 15 फीसदी सीट कम करने से लेकर मान्यता तक रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
यूपीटीयू के रजिस्ट्रार पीके गंगवार के मुताबिक, 1 अगस्त से सत्र शुरू होगा। काउंसलिंग के आधार पर दाखिला लेने वाले छात्रों की सूची 2 अगस्त तक विवि को मिल जाएगी। सभी खाली सीटों पर नए सिरे से एक और काउंसलिंग होगी।
साथ ही कॉलेज खाली सीटों पर दाखिले के लिए विज्ञापन निकलवाएंगे। इन पर होने वाले आवेदन और मेरिट वेबसाइट पर दिखेगी। 13-14 अगस्त तक दाखिला प्रक्रिया पूरी करनी है। इन सीटों पर भी निर्धारित फीस ली जाएगी। वहीं, 30 सितंबर तक दाखिलों का ऑडिट कर लिया जाएगा।
27-30 तक करें रिपोर्ट
एसईई की मुख्य काउंसलिंग में सीट आवंटित करा चुके छात्रों को 27 जुलाई तक कैंपस में रिपोर्ट करते हुए दाखिला प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश हैं। आरक्षित श्रेणी और जेईई मेन/सीमैट काउंसलिंग में सीट लेने वाले छात्रों को 30 जुलाई तक कैंपस में रिपोर्ट करनी होगी।
बिना ग्रेस पास को मिलेंगी खाली सीटें
बीटेक/बीफार्मा में जरूरी सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन (दो जयरी व एक वैकल्पिक विषय) में निर्धारित योग्यता अंकों के आधार पर एडमिशन मिलेगा। आरक्षित छात्रों को पांच अंकों की छूट मिलेगी। छात्र का योग्यता परीक्षा में बिना ग्रेस पास होना जरूरी है। बीटेक में जेईई मेन और एमबीए में सीमैट से भी सीधे प्रवेश होंगे।