उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) में बुधवार को 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों के स्टूडेंट्स के भविष्य पर फैसला लिया जाएगा। कार्यपरिषद की बैठक में बीटेक फर्स्ट ईयर के करीब 4,500 स्टूडेंट्स का रिजल्ट घोषित करने पर अंतिम निर्णय होगा।
अभी यूपीटीयू प्रशासन ने इन स्टूडेंट्स का रिजल्ट रोक रखा है और बाकी सभी स्टूडेंट्स का रिजल्ट घोषित कर दिया है। ऐसे में इन स्टूडेंट्स का कॅरिअर अभी फंसा हुआ है।
इन स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग कॉलेजों ने मान्यता के लिए निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद दाखिला दिया है। इनमें से कुछ कॉलेजों ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया है लेकिन उसमें अभी निर्णय कोई साफ नहीं है।
ऐसे में यूपीटीयू प्रशासन कानूनी राय लेने के बाद कार्यपरिषद में कोई ठोस निर्णय ले सकता है। उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय में बीते करीब 12 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य पर भी महत्वपूर्ण फैसला होने की उम्मीद है।
यहां काम करने वाले करीब 109 कर्मचारी अभी भी रेग्युलर नहीं हैं लेकिन अभी तक इन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में शासन की रिपोर्ट पर फैसला लिया जाएगा।
वहीं, यूपीटीयू की वित्त समिति में बीते दिनों चार महीने का 63.50 करोड़ रुपये का लेखानुदान पास किया गया। वहीं, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी), आर्किटेक्चर कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षकों को छठे वेतनमान के एरिअर का भुगतान किया गया है।
इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण निर्णय कि अब यूपीटीयू में नगद भुगतान की जगह कैशलेस प्रणाली लागू करने पर भी मुहर लगेगी।
मालूम हो कि यूपीटीयू में बीते दिनों 806 करोड़ रुपये का फर्जी ठेका पारिख कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। फर्जीवाड़ा करने वालों ने 23.52 करोड़ रुपये का फर्जी चेक भी जारी कर दिया था। कार्यपरिषद की बैठक में वित्त समिति के मिनिट्स को पास किया जाएगा।