एआईपीएमटी परीक्षा होने के बाद अब उत्तराखंड प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (यूपीएमटी) का वक्त नजदीक है। 18 मई को होने वाली यह परीक्षा उन छात्रों के लिए बेहतर मौका है, जिनका एआईपीएमटी एग्जाम निराशाजनक रहा है।
यूपीएमटी एग्जाम में 200 अंकों के 200 सवाल पूछे जाते हैं। इसमें कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होती है। परीक्षा में सवालों का स्तर एआईपीएमटी से काफी कम होता है।
स्पीड का रखें ध्यान
अविरल क्लासेज के निदेशक और फिजिक्स शिक्षक डीके मिश्रा का कहना है कि एआईपीएमटी में फिजिक्स से डरने वाले छात्रों को यूपीएमटी में डरने की जरूरत नहीं है। ज्यादातर सवाल ऐसे आते हैं, जो पहले पढ़े हुए हों। लेकिन, परीक्षा में स्पीड की खास तैयारी जरूरी है, क्योंकि 180 मिनट में 200 सवाल हल करने हैं।
सीबीएसई पैटर्न पर होता है एग्जाम
यूपीएमटी में फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बॉटनी और जूलॉजी के 50-50 सवाल आते हैं। सीबीएसई पैटर्न पर होने वाले इस एग्जाम में टॉपर 92 से 95 प्रतिशत तक जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 145 अंकों तक एमबीबीएस और 130 अंकों तक के छात्रों को बीडीएस में सीट मिल जाती है। प्रदेश में दो सरकारी मेडिकल कालेजों की कुल 80-80 एमबीबीएस सीटों के लिए यह परीक्षा होगी, जबकि बीडीएस के निजी कालेजों में सरकारी कोटे की सीटें निर्धारित हैं।
एक नाम से कई एडमिट कार्ड
यूपीएमटी एग्जाम करा रहे जीबी पंत विवि ने अपनी वेबसाइट पर एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए हैं। अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम या आवेदन संख्या डालने पर एडमिट कार्ड निकल रहा है। लेकिन, एक ही नाम के कई एडमिट कार्ड सामने आ रहे हैं। इससे इनके दुरुपयोग की भी आशंका जताई जा रही है।