यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू हो रही हैं। हालांकि कॉलेजों को अभी भी परीक्षकों या प्रैक्टिकल की तिथि नहीं पता है।
प्रैक्टिकल 24 जनवरी तक संपन्न होने हैं, इसलिए पहले से तैयार रहने वाले स्टूडेंट्स फायदे में रहेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार प्रैक्टिकल के दौरान फिगर, ऑब्जर्वेशन और कैलकुलेशन यदि सफाई से हल कर लिए तो स्टूडेंट्स को इसका फायदा मिलेगा।
ये सारी चीजें उन्हें प्रैक्टिकल में अच्छे नंबर दिलाने में मददगार होंगी। यूपी बोर्ड 12वीं में इस साल प्रैक्टिकल पैटर्न में परिवर्तन हुआ है।
अब आधे नंबर बाह्य और आधे नंबर आंतरिक परीक्षकों के हवाले होंगे। स्टूडेंट्स की सहूलियत के लिए विज्ञान के तीनों मुख्य विषयों के संबंध में बरतने वाली सावधानियों के संबंध में विशेषज्ञों के सुझाव दिए जा रहे हैं।
भौतिक विज्ञान
एमडी शुक्ला इंटर कॉलेज में भौतिकी के शिक्षक राधा मोहन मिश्र के अनुसार इस साल से प्रैक्टिल पैटर्न में बदलाव हुआ है। प्रैक्टिकल में इस साल से दो नंबर का प्रोजेक्ट जोड़ा गया है।
इसके अलावा कुछ और परिवर्तन भी किए गए हैं। स्टूडेंट्स को दो प्रयोग करके दिखाने होंगे। पहला प्रयोग मैकेनिक्स से और दूसरा ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रिसिटी में से होगा।
स्टूडेंट्स को चाहिए कि वो इस बात का ध्यान रखें कि दोनों प्रैक्टिकल अलग-अलग सेक्शन से तैयार करें। स्टूडेंट्स को चाहिए कि वो ऑब्जेक्ट क्लीयर लिखें।
चित्र भी साफ-साफ बनाएं और ऑर्ब्वेशन, परिणाम और गणना में काट-पीट न करें इन सारी चीजों को ध्यान रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि हर स्तर पर मॉर्किंग की व्यवस्था लागू होती है।
जीव विज्ञान
क्वींस इंटर कॉलेज के प्रवक्ता अनुराग मिश्रा के अनुसार जीव विज्ञान के प्रैक्टिकल में पुष्प का वर्णन बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है।
इस बार हुए परिवर्तन के बाद आंतरिक परीक्षक को प्रोजेक्ट और स्टूडेंट्स के रिकॉर्ड आदि पर नंबर देने हैं। बाह्य परीक्षक एक पुष्प के वर्णन, जिसमें सरसों, गुड़हल, गेंदा, सूरजमुखी आदि शामिल होंगे, के आधार पर नंबर देंगे।
प्रोजेक्ट पर आधारित एक नंबर का वाइवा भी होगा इसलिए अपने प्रोजेक्ट को भलीभांति याद रखें। प्रैक्टिकल के साथ ही विषय की तैयारियां भी करें। इससे संबंधित सवाल भी प्रैक्टिकल में पूछे जा सकते हैं।
रसायन विज्ञान
बीएसएनवी इंटर कॉलेज में रसायन विज्ञान के शिक्षक अनुराग दीक्षित के अनुसार प्रोजेक्ट और वाइवा पर स्टूडेंट्स ध्यान केंद्रित करें। प्रयोग में स्टूडेंट्स को ऑब्जेक्ट में एक अम्लीय और एक क्षारीय मूलक निकालने को दिया जाएगा।
इसलिए इसकी अच्छी तरह से तैयारी कर लें। अनुमापन, यौगिक समूह, क्रियात्मक समूह कॉबर्निक, क्रिस्टलाइजेशन आदि भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
प्रैक्टिकल के दौरान वाइवा महत्वपूर्ण होगा इसलिए परिभाषा और विषय से संबंधित तैयारी भी स्टूडेंट्स करें। वाइवा के दौरान खुलकर जवाब दें, इसका परीक्षक पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।