लखनऊ। एलयू व डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को दशहरा पर नौ दिन की छुट्टियां मिलेंगी। एलयू प्रशासन ने मंगलवार को दशहरा की छुट्टियां 12 से 20 अक्तूबर तक घोषित कर दी।
विवि प्रशासन ने लूटा व लुआक्टा के पदाधिकारियों के दबाव में यह छुट्टियां बढ़ाई हैं। बीते साल तत्कालीन कुलपति जी. पटनायक ने कोर्स पूरा करने के लिए शिक्षकों की दशहरा की छुट्टियां काटकर दो दिन की कर दी थी।
इस बार तो 30 सितंबर तक पीजी के प्रवेश हुए हैं जबकि उनके प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर में होनी हैं। ऐसे में मानकों के अनुसार पढ़ाई होना बेहद कठिन लग रहा है।
लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पांडेय और लूटा महामंत्री डॉ. नीरज जैन ने दशहरा पर शिक्षकों को दस दिन का अवकाश दिए जाने पर कुलपति डॉ. एसबी निमसे का आभार व्यक्त किया है।
डॉ. पांडेय का कहना है कि शिक्षकों को यह छुट्टियां बीते कई वर्षों से मिलती हैं और उसे अचानक बीते साल घटा दिया गया। आखिर शिक्षकों को उनका वर्षों पुराना हक क्यों न मिले?
हमने कुलपति से शिक्षकों का हक मांगा और उन्होंने दे दिया। अब दशहरा पर छुट्टियों की वर्षों पुरानी व्यवस्था फिर से लागू हो गई है।
डॉ. पांडेय कहते हैं कि देर से एडमिशन होने के लिए शिक्षक जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि एलयू के अधिकारी हैं। वैसे भी डिग्री कॉलेजों में तो समय पर ही दाखिले हुए। फिर शिक्षक कोर्स हर कीमत पर पूरा करवाता है।