शोध में कमजोर, मानकों में लापरवाही जैसी शिकायतों पर 36 डीम्ड विश्वविद्यालयों पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। इन विवि की मान्यता खतरे में थी, जिसके खिलाफ विवि सुप्रीम कोर्ट भी गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने करीब तीन माह पहले निर्देश दिए थे कि यूजीसी दोबारा मानकों की जांच कर फैसला लेने को आजाद है। यूजीसी ने अब इन सभी विश्वविद्यालयों को क्लीन चिट दे दी है।
वर्ष 2009 में पीएन टंडन कमेटी ने डीम्ड विवि में शोध, मानकों को लेकर पड़ताल करने के बाद रिपोर्ट दी थी कि देश के 126 में से 44 डीम्ड विवि की मान्यता खत्म कर दी जाए।
ग्राफिक एरा भी शामिल था
इसमें उत्तराखंड के ग्राफिक एरा विवि, एचआईएचटी जौलीग्रांट और गुरुकुल कांगड़ी विवि हरिद्वार भी शामिल थे। रिपोर्ट के खिलाफ कई विवि सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। यूजीसी की टीम ने सभी विश्वविद्यालयों की दोबारा जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट दी।
इस रिपोर्ट के मुताबिक 44 में से आठ विवि को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा जबकि ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी, एचआईएचटी जौलीग्रांट और गुरुकुल कांगड़ी विवि सहित 36 विश्वविद्यालयों को यूजीसी ने क्लीन चिट दे दी है। आयोग की ओर से जल्द ही ब्लैक लिस्ट आठ विवि की सूची वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।