सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश के तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भी किन्नरों को अलग पहचान दे दी है।
जैन समुदाय को भी दी अलग पहचान
यूजीसी ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा जैन समुदाय को भी अलग पहचान दी गई है।
यूजीसी की ओर से सभी विश्वविद्यालयों को जारी पत्र के मुताबिक ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को अब हर स्कॉलरशिप और फैलोशिप में अलग पहचान दी जाएगी।
छात्रवृत्तियों के आवेदन में किन्नरों के लिए अलग से मेल, फीमेल के साथ बॉक्स दिया जाएगा। कई संस्थान पहले ही किन्नरों को अलग पहचान दे रहे हैं।
इसके अलावा यूजीसी ने सभी शिक्षण संस्थानों को यह भी निर्देश दिया है कि वह जैन समुदाय को अलग अल्पसंख्यक समुदाय के तौर पर पहचानें। इस श्रेणी में अभी तक पांच समुदाय शामिल थे।
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