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हेल्पलाइनः 10वीं, 12वीं में ऐसे करें विषयवार तैयारी

Wed, 20 May 2015 01:27 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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आईसीएसई और आईएससी टॉपर छात्रों ने ‘अमर उजाला’ कार्यालय में आकर फोन हेल्पलाइन में प्रदेशभर के युवाओं के सवालों के जवाब दिए।
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‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंचे मेधावियों ने प्रदेशभर के उन सभी बच्चों के लिए विषयवार तैयारी के सूत्र भी बताए, जो इस बार 10वीं या 12वीं की परीक्षाओं में शामिल होने जा रहे हैं। ऐसे ही कक्षावार व विषयवार टिप्स यहां बताए जा रहे हैं।

12वीं विज्ञान में ऐसे करें विषयवार तैयारी
फिजिक्स : न्यूमैरिकल्स पर ज्यादा फोकस करें। इसमें कांसेप्ट क्लियर होने जरूरी हैं। प्रेक्टिकल नॉलेज से तैयारी में आसानी मिलती है। जब तक इस विषय को समझेंगे नहीं, तब तक कामयाबी मुश्किल है।
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केमिस्ट्री : इस विषय में हर इक्वेशन की लिखकर प्रैक्टिस करें। अगर याद न हो तो कई-कई बार लिखकर अभ्यास करें। तभी राह आसान होगी।

मैथ्स : पूरे साल सवालों की प्रैक्टिस करते रहें। इसे पढ़ने या रटने के बजाए हर सवाल पर फोकस बनाएं, कांसेप्ट समझें। जरूरी हो तो कोर्स की किताबों से अलग भी दूसरे लेखकों की किताबें फायदेमंद हो सकती हैं।

12वीं कॉमर्स में ऐसे करें विषयवार तैयारी
इकोनॉमिक्स : इस विषय को समझने की जरूरत है। कई बार छात्र इसमें रटने की कोशिश करते हैं जो कि नाकामी की मुख्य वजह होती है। जब तक कांसेप्ट क्लियर नहीं होंगे, तब तक राह मुश्किल है।

इंगलिश : हर चैप्टर का एक सैंपल आंसर बना लें। इससे यह फायदा होगा कि किसी भी चैप्टर विशेष से अगर सवाल आता है तो आपको उसका जवाब देने में आसानी होगी।

अकाउंट्स : इस विषय में प्रैक्टिस पर फोकस करें। इसके साथ ही थ्योरी को भी प्राथमिकता पर रखें।
कॉमर्स : कीवर्ड्स बना लें और उसके हिसाब से तैयारी करें। हो सके तो अपनी भाषा में ही नोट्स बनाकर तैयारी करें। कांसेप्ट समझने का प्रयास करें।

कंप्यूटर साइंस : प्रोग्राम्स की कंप्यूटर पर प्रैक्टिस करें। इसकी तैयारी 9वीं से ही शुरू कर देनी चाहिए। 11वीं में आने के बाद ज्यादा पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल कंप्यूटर पर प्रैक्टिस करने से काफी कुछ आसान हो जाएगा।

10वीं में ऐसे करें विषयवार तैयारी
फिजिक्स : इसमें लर्निंग पार्ट ज्यादा है। किताब के अंत में दिए गए न्यूमैरिकल्स को जरूर हल करें। अलग से बुक लेकर भी तैयारी कर सकते हैं।

कैमिस्ट्री : लर्निंग सबसे महत्वपूर्ण है। मोल कांसेप्ट काफी अहम है। हमें 9वीं में ही कोशिश करनी चाहिए कि 10वीं का भी कोर्स थोड़ा पढ़ लेना चाहिए।

बायोलॉजी : वर्ड बाई वर्ड तैयारी करने की जरूरत है। बेसिक्स क्लियर होने चाहिए। डायाग्राम को भी अपनी तैयारी में जरूर शामिल करें। आखिरी वक्त मॉडल पेपर भी अच्छा विकल्प हो सकता है।

मैथ्स : हर दिन कम से कम दो घंटे तैयारी जरूर करें। मॉडल पेपर भी एक विकल्प हो सकते हैं। स्कूल बुक के अलावा बाहरी राइटर की बुक भी पढ़ सकते हैं।

हिस्ट्री : प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ें। एक बार में पूरा चैप्टर पढ़ना मुश्किल होगा। इसे कुछ हिस्सों में बांटकर तैयारी करते रहें।
ज्योग्राफी : टोपोशीट सबसे अहम है। इसकी नियमित स्टडी भी कामयाबी के लिए जरूरी है।

इंगलिश : लैंग्वेज में छठीं, सातवीं और आठवीं के बेसिक्स स्ट्रांग करने चाहिएं। चैलेंजिंग टेक्स्ट पढ़ने पर फोकस बढ़ाएं। लिटरेचर में गाइड के बजाए बुक को प्रिफर करें। टेक्स्ट को कोट करने की कोशिश करनी चाहिए। वर्क बुक भी अहम हो सकती है।

हिंदी : कम टाइम में ज्यादा मार्क्स लाए जा सकते हैं, बशर्ते आप समय प्रबंधन कर सकें। पहले लिटरेचर फिर निबंध को समाप्त करने का प्रयास करें।

इकोनोमिक्स एप्लीकेशन : इस विषय में अपनी क्लास में ज्यादा समय दें। इससे तैयारी में आसानी हो जाएगी।
कंप्यूटर : 9वीं में ज्यादा से ज्यादा समझ लें। 10वीं में थ्योरी भी याद करें। इससे भी स्कोर बढ़ता है।

इन्होंने दिए सुझाव
- टॉपर : गुरसिमरन गंभीर(12वीं स्टेट व कॉमर्स), विनायक अग्रवाल(12वीं विज्ञान), सुहानी सिंघल(10वीं), सुलक्ष स्वामी(10वीं)

अभी से बना लें बोर्ड तैयारी के लिए टाइम टेबल
अगर आप इस बार 10वीं या 12वीं की परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो टॉपर्स के मुताबिक समय प्रबंधन सबसे अहम है। अपने व्यस्त शेड्यूल को ऐसे बना लें कि आपके ऊपर दबाव भी न बनें और आपकी तैयारी भी पूरी हो जाए।

‘अमर उजाला’ कार्यालय पहुंचे टॉपर्स ने एक सुर में कहा कि सबसे पहले यह देखना चाहिए कि आपको किस वक्त और कैसे माहौल में पढ़ने में आनंद आता है। जब तक आनंद नहीं आएगा, एकाग्रता नहीं बनेगी। एकाग्रता के अभाव में तैयारी अधूरी रह जाएगी।

अगर आपको रात में ज्यादा पढ़ने का शौक है तो आप अपने टाइम टेबल में रात के भी कुछ घंटे शामिल कर सकते हैं, लेकिन यह ख्याल रहे कि आपकी नींद कम से कम आठ घंटे की जरूर हो। अगर दिन में पढ़ने की आदत है तो दिन का शेड्यूल भी उसी हिसाब से बना सकते हैं।

पढ़ाई और परीक्षा को अपने दिमाग पर बोझ कतई न बनाएं। खुद पर भरोसा बढ़ाएं। अच्छे दोस्त बनाएं जो कि पढ़ाई पर ज्यादा फोकस होते हों। विषयवार टाइम टेबल ऐसे बनाएं कि हर दिन कम से कम तीन विषय जरूर कवर हो जाएं। अगर मैथ्स के टाइम पर आपका मन कैमिस्ट्री पढ़ने का है तो मैथ्स में जबर्दस्ती दिमाग घुमाने के बजाए कैमिस्ट्री ही पढ़ लें।
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प्रतिदिन तीन घंटे पर्याप्त
टॉपर्स का यह भी मानना है कि हर दिन छह या सात घंटे के बजाए सेल्फ स्टडी अगर एकाग्रता से की जाए तो तीन घंटे भी पर्याप्त हैं। जरूरी यह है कि आप नियमित स्टडी करें। कहीं ऐसा न हो कि आठ दिन तक खूब पढ़ाई की और पांच दिन का गैप कर लिया। इससे रूटीन खराब होता है और तैयारी को भी नुकसान होता है।
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