चार मई को आयोजित हो रहे आल इंडिया प्री मेडिकल प्री डेंटल टेस्ट (एआईपीएमटी) में महज तीन दिन बचे हैं।
ऐसे करें एग्जाम में बेहतर स्कोर
इस वक्त अभ्यर्थी कुछ खास टापिक्स पर फोकस करें तो एग्जाम में बेहतर स्कोर कर सकते हैं। एआईपीएमटी में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवाल पूछे जाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक बायोलॉजी में सेल बायोलॉजी, जेनेटिक्स, इकोलॉजी, एनिमल एंड प्लांट किंगडम से जुड़े सवाल आसान होते हैं और इससे बेहतर स्कोर भी बन जाता है।
जूलॉजी में ह्यूमन फिजियोलॉजी, रिप्रोडक्टिव हेल्थ, हेल्थ एंड वेलफेयर जैसे टॉपिक अहम हो सकते हैं। बॉटनी में ऑर्गेनिज्म एंड पॉपुलेशन, इको सिस्टम, प्रोसेस एंड एप्लीकेशन, मॉलिक्यूलर बेसिस आफ इन हेरिटेंस, प्लांट मार्फोलॉजी जैसे टॉपिक बेहतर स्कोरिंग साबित हो सकते हैं।
ये टॉपिक्स हैं अहम
फिजिक्स में एटॉमिक स्ट्रक्चर, रेडियोएक्टिविटी, कंडक्शन, फोटो इलेक्ट्रिक इफेक्ट, न्यूक्लियर फिजिक्स, रेडिएशन, थर्मोडायनामिक्स, इलेक्ट्रिकल सर्किट, मैग्नेटिज्म जैसे टॉपिक्स अहम साबित हो सकते हैं।
केमिस्ट्री में जनरल ऑर्गेनिक केमिस्ट्री, कॉर्डिनेशन केमिस्ट्री, केमिकल बांडिंग, इलेक्ट्रो केमिस्ट्री, केमिकल थर्मोडायनामिक्स जैसे टॉपिक्स महत्वपूर्ण साबित होंगे।
इसके अलावा यह भी ध्यान रखें कि माडर्न फिजिक्स से जुड़े थ्योरेटिकल सवाल अपेक्षाकृत आसान होते हैं, जिसमें ज्यादा गणनाओं की जरूरत नहीं होती।
इसलिए विशेषतौर पर बायोलॉजी के छात्रों को इस पर ध्यान रखना चाहिए। हीट और थर्मोडायनामिक्स में ज्यादातर सवाल ग्राफ आधारित होते हैं और हल करने में भी आसान होते हैं।
बायोलॉजी में एनसीईआरटी की किताबों में दिए गए डायग्राम्स, चार्ट और सारिणी काफी काम की साबित हो सकती है।
समय प्रबंधन का रखें ख्याल
एआईपीएमटी हल करते वक्त समय प्रबंधन का भी विशेष ख्याल रखें। गत वर्षों के प्रश्नपत्र हल करते समय तीन घंटे से अधिक का वक्त न लें।
प्रैक्टिस ऐसे करें कि तीन घंटे की परीक्षा के दौरान बाद के 30 मिनट में आंसर रिचेक करने का मौका मिल जाए। इस तरह प्रैक्टिस करने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।