निजी स्कूलों में जारी नर्सरी दाखिले की रेस केलिए सरकार की ओर से मैनेजमेंट कोटा खत्म किए जाने और अन्य मानकों में बदलाव को लेकर स्कूल मैनेजमेंट अब आगे की रणनीति तय करेंगे। इसके लिए एक्शन कमेटी की ओर से एक अहम बैठक पीतमपुरा में शुक्रवार को होगी। बैठक के बाद स्कूल सरकार के फैसले को लेकर अपना रुख तय करेंगे। हालांकि बैठक से पहले ही स्कूलों केतेवर से स्पष्ट है कि वह मैनेजमेंट कोटा खत्म करने के मूड में नहीं है।
जहां अभिभावकों ने मैनेजमेंट कोटा समाप्त किए जाने व अन्य मानकों में बदलाव के निर्देश का स्वागत किया है, वहीं दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष और एक्शन कमेटी के उपाध्यक्ष आरसी जैन ने सरकार केइस कदम को बदले की कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि जब हमने सम-विषय योजना केलिए बसें देने से मना किया तो सरकार ने स्कूलों को तंग करने के लिए ही यह निर्णय लिया।
यदि कुछ स्कूल गलत मानक तय कर उनकेअंक दे रहे थे तो सरकार को इस संबंध में आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले कदम उठाना चाहिए। चूंकि शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर स्कूल 25 दिसंबर के बाद ही मानक जारी करने लगे थे तो ऐसे में सरकार गलत मानक तय करने वालों केखिलाफ कदम उठा सकती थी।
उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर ही सरकार सवाल खड़ा कर रही है। दरअसल कुछ स्कूल एकल कन्या केलिए पांच अंक दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मामले को 22 जनवरी को होने वाली कोर्ट की सुनवाई में नए सिरे से रखा जाएगा।
वहीं एक्शन कमेटी के अध्यक्ष एसके भट्टाचार्य पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस विवाद के कारण दाखिला प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। अभिभावक संघ ने सरकार फैसले का स्वागत किया, लेकिन उनका कहना है कि सरकार के पास तो इस फैसले का अधिकार ही नहीं है।