फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऐसा रहा दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले का पहला दिन

Fri, 26 Jun 2015 09:14 AM IST
रश्मि शर्मा/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय की पहली कटऑफ दो तरह से छात्रों को परेशान कर रही है। एक तो यह सुपर हाई गई और दूसरी छात्र केलकुलेशन के फेर में फंस गए हैं। कहीं 2.5 तो कहीं 5 फीसदी की कटौती उन पर भारी पड़ रही है। रेंज वाइज कटऑफ व कोर्स कॉम्बिनेशन कटऑफ ने पहले दिन छात्रों को उलझाया रखा।
विज्ञापन


दाखिले के कायदों में इस साल बदलाव किया गया था। तय हुआ था कि इस बार रेंज वाइज कटऑफ की बजाए एक ही कटऑफ आएगी, लेकिन कई कॉलेजों ने रेंज वाइज कटऑफ जारी कर दी। मसलन दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट एंड कॉमर्स ने बीए प्रोग्राम की कट ऑफ 90-92 जारी की। छात्र इस सोच में पड़ गए कि दाखिला 90 पर होगा या 92 फीसदी पर।

दरअसल कॉलेज ने इस कोर्स की कटऑफ को सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन के आधार पर बना दिया। इसे कुछ इस तरह से समझा जा सकता है। यदि बीए प्रोग्राम में छात्र ईको व अंग्रेजी या फिर ईको के साथ गणित लेता है तो कटऑफ 92 फीसदी होगी और यदि वह हिंदी, राजनीति शास्त्र या फिर हिंदी व इतिहास लेता है तो उसके लिए कटऑफ 90 फीसदी होगी।
विज्ञापन


कॉलेजों में नेगेटिव वेटेज के नियम ने भी छात्रों को परेशान रखा। इस बार नियम यह है कि यदि किसी छात्र ने बारहवीं में कोई विषय नहीं पढ़ा, लेकिन वह अब कॉलेज में उस विषय को पढ़ना चाहता है तो उसकी 2.5 फीसदी की नेगेटिव वेटेज होगी। अब कहने को वह कटऑफ के दायरे में आता है मगर जब दाखिला लेने की बारी आएगी तो 2.5 फीसदी से पीछे हो जाएगा।

इसे ऐसे भी समझा जा सकता है। मसलन किसी कॉलेज में ईको की कटऑफ 98 फीसदी गई है। छात्र ने बारहवीं में वह विषय नहीं पढ़ा मगर अब पढ़ना चाहता है उसे 10 अंकों का नुकसान उठाना होगा। यानी उसे 98 फीसदी तक आने के लिए और नंबरों की जरूरत पड़ेगी। वहीं बीए व बीकॉम प्रोग्राम में दाखिले के लिए स्ट्रीम चेंज करने पर अंकों में पांच फीसदी की कटौती ने छात्रों को और पीछे धकेल दिया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें