रयात-बाहरा इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों की ओर से ऑल टैरेन कार को तैयार किया गया है। इस कार को एल पासो (यूएसए) स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस में आयोजित यूएस बाजा रेस में एशिया में अव्वल चुना गया।
यह एक ऑफ रोड व्हीकल है। खास बात है कि दुनिया के सौ बड़े संस्थानों में रयात-बाहरा को एशिया की अव्वल स्थान प्राप्त हुआ है।
ग्रुप के चेयरमैन गुरविंदर सिंह बाहरा ने बुधवार को जीतकर आई टीम को बधाई दी। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि यह गौरव की बात है कि संस्थान के स्टूडेंट्स की ओर से डिजाइन की गई गाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में चौथी बार स्थान प्राप्त किया है।
35 लाख रुपये की लागत से बनी इस कार का वजन 235 किलो है। यह 10 बीएचपी और 305 सीसी इंजन से लेस है। इस कार में कार्लिसल और मैक्सिस के व्हील लगे हैं।
इसे दूसरे वाहनों के पार्ट्स जोड़कर असेंबल किया गया था। 15 किमी प्रति लीटर की सराहनीय माइलेज के साथ इस व्हीकल के मूल रूप की कीमत 6 लाख रुपये के आसपास बैठती है।
मुकाबले के हिसाब से रयात-बाहरा टीम ने एक मजबूत, सिंगल सीट वाला, ऑफ रोडिंग के लिए पर्याप्त व्हीकल का डिजाइन और मूलरूप तैयार किया था जिसे एक नॉन-प्रोफेशनल ऑफ-रोड शौकीन को बेचने का विचार किया जा सके।
स्टूडेंट्स ने ऐसा व्हीकल तैयार किया जो कि सेफ है, आसानी से इधर-उधर पहुंचाया जा सकता है, आसानी से मेंटेन किया जा सकता है और जिसे ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलाने में भी खूब मजा आता है।
छात्र कैप्टन अभिनव शर्मा, आकाश बोस, अंकित गिरधर, पारस भारद्वाज, नवदीप डिमरी, गुरबीर सिंह बेनीपाल, कार्तिक डोगरा, अभिषेक चौधरी, परमिंदर सिंह, समीर गुप्ता और हितेश शर्मा की टीम ने इस कार को डिजाइन किया है। इस मुकाबले के लिए डॉ. जुझार सिंह और अश्वनी कुमार बतौर टीम के साथ फैकल्टी एडवाइसर शामिल थे।