सिविल ब्रांच में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब बिल्डिंग वेस्ट मैटेरियल के सही उपयोग के बारे में पढ़ाई कर सकेंगे। यूपीटीयू में संचालित सिविल ब्रांच में अब नया बिल्डिंग वेस्ट मैटेरियल का विषय जुड़ेगा। इसके लिए इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) के प्रस्ताव को यूपीटीयू के वीसी प्रो. आरके खांडल ने मंजूरी दे दी है।
प्रस्ताव पर हरी झंडी मिलने के बाद विषय की रूपरेखा तैयार करने के लिए आईबीसी कमेटी गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। अगले सत्र से सिविल ब्रांच में इस नए विषय की पढ़ाई शुरू होगी।
आरकेजीआईटीडब्ल्यू में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेने पहुंचे यूपीटीयू वीसी प्रो. आरके खांडल ने बताया कि बहुत से देशों में बिल्डिंग वेस्ट मैटेरियल का सही उपयोग करने की तकनीक इस्तेमाल की जा रही है।
सिविल ब्रांच में विषय शामिल होने से देश में रीयल एस्टेट इंडस्ट्रीज से निकलने वाले बिल्डिंग वेस्ट मैटेरियल का सही आंकलन और उसके उचित उपयोग की तकनीक को छात्र-छात्राएं जान सकेंगे। विवि का प्रयास अगले सत्र तक विषय को सिविल ब्रांच के सिलेबस में शामिल कराने का होगा।
एक्सपर्ट कमेटी तय करेगी रूपरेखा
इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस के सचिव प्रदीप मित्तल ने बताया कि बिल्डिंग वेस्ट मैटेरियल विषय को तैयार करने के लिए कमेटी के गठन का काम लगभग पूरा हो चुका है।
कमेटी में रीयल एस्टेट के साथ सिविल ब्रांच के विशेषज्ञ और प्रोफेसर भी शामिल होंगे। विषय को तैयार करने के लिए विदेशों में अपनाई जाने वाले बिल्डिंग वेस्ट मैटेरियल के इस्तेमाल की तकनीकी और वहां के कोर्सेज का अध्ययन भी किया जाएगा।