पंजाब के लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। अब टीचर सिर्फ स्कूलों में पढ़ाएंगे, क्लरिकल ड्यूटी नहीं करेंगे। शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने स्कूलों में शैक्षणिक माहौल बनाने के मकसद से यह निर्देश दिए हैं।
सभी मंडल, जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी टीचर की क्लरिकल ड्यूटी न लगाई जाए। डीपीआई सेकंडरी बलबीर सिंह ढोल ने बताया कि शिक्षामंत्री डॉ. चीमा और प्रमुख सचिव सी राउल के निर्देश के बाद उन्होंने कई स्कूलों का निरीक्षण किया था।
इस दौरान कई कमियां सामने आई थीं। सभी स्कूल प्रिंसिपल को कमियां दूर करने की हिदायत दी गई है। निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी टीचर की डीजीएसई, डीपीआई, एससीईआरटी और डीईओ दफ्तर में क्लरिक ड्यूटी न लगाई जाए। जरूरी काम की सूरत में डीपीआई की मंजूरी से थोडे़ समय की ड्यूटी लगाई जाए।
ढोल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि परीक्षाओं के दिनों में जनवरी में कई टीचर लंबे समय की छुट्टी ले लेते हैं। अब कैजुअल लीव का संतुलन यकीनी बनाया जाएगा, हर छुट्टी दर्ज की जाएगी। सभी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि सुबह की सभा, आधी छुट्टी और पीरियड्स का समय निर्धारित किया जाए।
कई स्कूल अपने स्तर पर समय बदल लेते हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तबादला करवाने के इच्छुक टीचर संबंधित स्कूल से खुद ही खाली पद की सूचना लेकर आते हैं, इसे बंद किया जाएगा।
संबंधित डीईओ अपने स्तर पर मुख्यालय को सूचना भेजेंगे। जरूरी काम होने पर ही कोई टीचर अपने सीनियर से आज्ञा लेकर मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज करने के बाद ही जा सकेगा। एडजस्टमेंट पीरियड संबंधित रजिस्टर लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।