लंबित मांगों को मनवाने के लिए बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार पर अड़े शिक्षकों का 12 दिन चला ड्रामा शनिवार को खत्म हो गया है। राजकीय शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद शिक्षकों ने तय किया है कि बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार नहीं किया जाएगा।
शिक्षक संगठन ने कहा कि छात्र हित में बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार के निर्णय को स्थगित किया गया है। साथ ही चेताया है कि यदि एक माह में उनकी मांगों पर जीओ नहीं जारी किया गया तो परीक्षा मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा।
बता दें कि राजकीय शिक्षक संघ एलटी से प्रवक्ता के पदों पर प्रमोशन, सीआरसी, बीआरसी के पदों पर नियुक्ति, उपार्जित अवकाश सहित विभिन्न मांगों के लिए बोर्ड परीक्षाओं के बहिष्कार का एलान किए थे।
संगठन का कहना था कि उनकी मांगों अमल नहीं हुआ तो परीक्षाओं का बहिष्कार करेंगे, लेकिन शनिवार को सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय ननूरखेड़ा में आयोजित संगठन की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में संगठन ने तय किया कि अब परीक्षाओं का बहिष्कार नहीं किया जाएगा।
बताया कि संगठन की शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक से इस संबंध में वार्ता हुई है। प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा सचिव व निदेशक ने मांगों पर अमल का लिखित आश्वासन दिया है। उनके आश्वासन के बाद संगठन ने सर्वसम्मति से आंदोलन स्थगित कर दिया है।
बैठक में प्रांतीय महामंत्री सोहन सिंह, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, संयुक्त मंत्री सुंदर कुंवर, मंडल अध्यक्ष रविंद्र राणा, मंडल मंत्री शिव सिंह नेगी, मंडल मंत्री कुमाऊं भुवन जोशी, देहरादून के जिलाध्यक्ष नरेंद्र बिष्ट, पौड़ी जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान, हेमंत पैन्यूली, प्रदीप भंडारी, श्याम सिंह आदि शामिल रहे।
शिक्षकों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड परीक्षाओं का बहिष्कार बच्चों के भविष्य का सवाल था, शिक्षकों से हड़ताल नहीं करने के लिए कहा गया था, जिस पर वे सहमत हो गए हैं।
- डी सेंथिल पांडियन, शिक्षा सचिव