रूसा के तहत दूसरे सत्र की परीक्षाएं समाप्त होने के साथ ही शुक्रवार से तीसरे सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू हो गई है। राजधानी सहित पूरे प्रदेश भर के कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण कक्षाएं लगाने को शिक्षकों की कमी अब और गंभीर हो गई है।
सरकार से पीटीए आधार पर नियुक्ति को लेकर आदेश आने का इंतजार कर रहे कॉलेज प्रशासन ने अब तक हर साल की तरह से पीटीए फंड से शिक्षकों की अस्थाई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू ही नहीं की है।
इन हालात में कैसे कॉलेजों में रूसा के तहत प्रथम सत्र, तीसरे सत्र के साथ ही पुराने सिस्टम के तहत तीनों संकाय की कक्षाएं एक साथ चल पाएगी। प्रदेश के बडे़ कॉलेजों से नए कॉलेजों से प्रतिनियुक्ति और स्थानांतरित हुए शिक्षकों के रिक्त पदों को स्थाई और अस्थाई तौर पर भरने की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी है।
एक भी शिक्षक नहीं
ऐसे में कैसे कॉलेजों में शिक्षण कार्य शुरू हो सकेगा। राजधानी के तीनों बड़े कॉलेजों की तरह हर कॉलेज में कई ऐसे विषय है, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है। इन विषयों की कक्षाएं कैसे चलेंगी। यह सबसे बड़ा सवाल है। पीटीए फंड से शिक्षकों की अस्थाई नियुक्ति की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी, इस पर भी कॉलेज कुछ नहीं कह पा रहे है।
ऐसे में छात्रों की कक्षाएं और पढ़ाई प्रभावित होना तय है। अब तक चूंकि तीसरे सत्र की कक्षाएं शुरू नहीं हुई थी, तो कम शिक्षकों से काम किसी तरह से चलाया जा रहा था, मगर अब तीसरे सत्र की कक्षाएं शुरू हो जाने पर उन विषयों में समस्या गंभीर होगी, जहां एक, दो शिक्षक है, या जहां एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है।